दिल्लीः आठ हज़ार बेघर करेंगे मतदान

दिल्ली में लोकसभा के लिए 10 अप्रैल को मतदान होने वाला है. इस बार यहां के फ़ुटपाथ और रैनबसेरों में जीवन बसर करने वाले क़रीब 8,000 बेघर पहली बार मतदान कर सकेंगे. देखिए तस्वीरें.

दिल्ली के बेघर मतदाता
इमेज कैप्शन, भारत की राजधानी दिल्ली में हज़ारों लोगों के पास घर नहीं है. दिल्ली निर्वाचन आयोग ने इस बार इन बेघरों का नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिया है. फ़ोटोग्राफ़र अराबू अहमद सुल्तान शहर के फ़ुटपाथ, फ़्लाईओवर और अन्य जगहों पर रात गुज़ारने वाले उन बेघरों से मिले जो इस बार पहली बार मतदान करेंगे.
दिल्ली के बेघर मतदाता
इमेज कैप्शन, 2014 के लोकसभा चुनाव में भारत के क़रीब 81 करोड़ 40 लाख मतदाता अपने अधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इसे दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव कहा जा रहा है. नौ चरणों में होने वाले इस चुनाव का पहला चरण सात अप्रैल को शुरू हुआ है और अंतिम चरण 12 मई को संपन्न होगा. दिल्ली में 10 अप्रैल को मतदान होंगे. चुनाव अधिकारियों ने दिल्ली के 8,000 से ज्यादा बेघरों को मतदाता पहचान पत्र जारी किया है.
दिल्ली के बेघर मतदाता
इमेज कैप्शन, हज़ारों बेघरों को जारी किए गए मतदाता पहचान पत्र के कई फ़ायदे हैं. बैंक खाता खोलने, कुकिंग गैस कनेक्शन लेने और ट्रेन से सफ़र करने के समय पहचान पत्र की ज़रूरत पड़ती है.
दिल्ली के बेघर मतदाता
इमेज कैप्शन, ये 36 साल के सुरोध बिंद हैं. इन्हें पिछले साल मतदाता पहचान पत्र मिला. सुरोध दूसरे बेघरों को पहचान पत्र हासिल करने के लिए पंजीकरण में मदद कर रहे हैं.
दिल्ली के बेघर मतदाता
इमेज कैप्शन, दिल्ली के बेघर यहां के रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, फ़्लाईओवर के नीचे, फ़ुटपाथ, यमुना नदी के किनारे और भूमिगत रास्तों में अपनी रातें गुज़ारते हैं.
दिल्ली के बेघर मतदाता
इमेज कैप्शन, हालांकि दिल्ली में कई बेघर लोगों का कहना है कि आवेदन देने के बावजूद उन्हें अब तक मतदाता पहचान पत्र हासिल नहीं हुआ है. उनमें से कई बेहद ख़फ़ा हैं क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर पहचान पत्र हासिल करने के लिए अधिकारियों को रिश्वत भी दी है.
दिल्ली के बेघर मतदाता
इमेज कैप्शन, 21 साल के सुनील तांती बचपन से ही दिल्ली में रहते हैं. वे कनॉट प्लेस में हनुमान मंदिर के पास स्थित एक चाय की दूकान पर काम करते हैं. उन्हें अपने माता-पिता के बारे में कुछ भी नहीं मालूम. उनका कहना है, "इस पहचान पत्र से ज्यादा से ज्यादा फ़ायदा ये होगा कि मैं पुलिस की ज्यादतियों से बच जाऊंगा."
दिल्ली के बेघर मतदाता
इमेज कैप्शन, विक्टोरिया 85 साल की हैं. वे अपने 63 साल के बेटे ऑगस्टीन के साथ दिल्ली के मालवीय नगर इलाक़े में एक फ़्लाईओवर के नीचे रहती हैं. ऑगस्टीन भीख मांगकर अपना और अपनी मां का पेट भरते हैं. उनके पास मेरठ के उत्तरी क्षेत्र, जो उनका जन्मस्थल भी है, का मतदाता पहचान पत्र पहले से है. हां, उनकी मां का पहचान पत्र अब तक नहीं बना.
दिल्ली के बेघर मतदाता
इमेज कैप्शन, आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़ दिल्ली में क़रीब 60,000 लोग बेघर हैं. पुरानी दिल्ली में एक अस्थाई आशियाने में जुटे लोग टीवी पर क्रिकेट मैच का आनंद ले रहे हैं.