कपास जिससे ज़ख्म ढँकने वाले फ़ाहे नहीं बनते
विदर्भ में हर साल हज़ारों किसान आत्महत्या करते हैं लेकिन वह हर बार चुनावी मुद्दा नहीं बनता. हज़ारों विधवाओं की आवाज़ दिल्ली तक नहीं पहुंचती, क्योंकि वे क़तार के आख़िरी लोगों में हैं.














विदर्भ में हर साल हज़ारों किसान आत्महत्या करते हैं लेकिन वह हर बार चुनावी मुद्दा नहीं बनता. हज़ारों विधवाओं की आवाज़ दिल्ली तक नहीं पहुंचती, क्योंकि वे क़तार के आख़िरी लोगों में हैं.













