भदोही के क़ालीन बुनकरों की दास्तां

यूपी का भदोही अपने क़ालीनों के लिए दुनिया भर में मशहूर है लेकिन घरों में सजने वाली इन क़ालीनों को बनाने वाले कारीगर बेहद ख़राब हालात में काम कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में कालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, बनारस भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी की वजह से आजकल चर्चा में है लेकिन पड़ोस के शहर भदोही में बुनकरों का कहना है की उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में कालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, बुनकरों ने बताया कि आज भी हाथ से बनी कालीनों की माँग ज़्यादा है.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में कालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, बुनकर लल्लन कहते हैं कि वोट देते-देते उनका मतदान पहचान पत्र पुराना हो गया है लेकिन उनके हालात मे कोई अंतर नहीं आया है.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में कालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, 75 साल के अतिबल का कहना है कि आठ से बारह घंटे काम करने के बाद भी उनकी कमाई सिर्फ़ 150-200 रुपए ही हो पाती है.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में कालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, डिज़ाइन का सारा काम भी हाथ से ही होता है और इसे पूरा करने में कई घंटे लग जाते हैं.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में क़ालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, कई बुनकरों ने बताया कि ये काम बेहद बारीकी से किया जाता है और छोटी सी ग़लती होने पर उनके पैसे काट लिए जाते हैं.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में क़ालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, एक क़ालीन को बनाने के लिए कई कारीगर जुटते हैं.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में क़ालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, कारीगर कहते हैं कि एक वक़्त वो अपना ख़ुद का काम करते थे लेकिन अब बड़ी फ़ैक्ट्रियों का दबदबा है.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में क़ालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, बुनकर मोहम्मद रहमान बताते हैं कि कई नेताओं ने उनसे वादे किए कि उनकी न्यूनतम आमदनी को बढ़ाने के लिए वो फ़ैक्ट्री मालिकों पर दबाव बनाएंगे लेकिन आज तक ऐसा हुआ नही.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में क़ालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, भदोही की ही मंजू को धागों का एक गोला बनाने पर 12 रुपए मिलते हैं और दिनभर में वो सिर्फ़ आठ से दस गोले ही बना पाती हैं.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में क़ालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, राम नारायण ने बताया कि फ़ैक्ट्री मालिक तो अमीर होते जा रहे हैं लेकिन जिनके हाथ मे असली हुनर है वे आज भी ग़रीब हैं.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में क़ालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, शांता राम कहते हैं कि उनका अब काम करने का दिल नही करता पर परिवार भी तो पालना है.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में क़ालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, प्रसाद कहते है उनकी सुध किसी राजनीतिक दल ने नहीं ली है लेकिन उनका हुनर भारत को विदेश मे सम्मान दिलाता है.
उत्तर प्रदेश के भदोही शहर में कालीन बुनने वाले
इमेज कैप्शन, बुनकर राम कुमार कहते हैं कि हर बार की तरह वो इस साल भी इस भरोसे के सहारे वोट करेंगे कि कोई नेता तो शायद कभी उनकी सुध लेगा. सभी तस्वीरें और कैप्शन फ़ोटो पत्रकार अंकित पांडेय ने बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए भेजी हैं.