अफ़ग़ान सियासत के महिला चेहरे
एक वक़्त था जब तालिबान के दौर में अफ़ग़ान महिलाओं का बुर्के से बाहर निकलना मुश्किल था लेकिन लोकतंत्र आने के हालात बदले और वो अब जीवन के हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं.








एक वक़्त था जब तालिबान के दौर में अफ़ग़ान महिलाओं का बुर्के से बाहर निकलना मुश्किल था लेकिन लोकतंत्र आने के हालात बदले और वो अब जीवन के हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं.







