उठेगा 600 साल पुराने रहस्य से पर्दा..

लंदन में हुई खुदाई से कई कंकाल मिले हैं. इन कंकाल के मिलने से यूरोप में छह सौ साल पहले आई एक महामारी के रहस्य से पर्दा उठ सकता है.

लंदन क्रॉसरेल परियोजना
इमेज कैप्शन, लंदन क्रॉसरेल परियोजना की खुदाई के दौरान पुरातत्वविदों को सामूहिक रूप से दफ़न किए गए लोगों के नर कंकाल मिले हैं. इन कब्रों के प्लेग से मरने वाले व्यक्तियों के अवशेष होने के संभावना है. फॉरेंसिक जाँच से कंकालों के 14वीं शताब्दी का होने का संकेत मिला है.
लंदन क्रॉसरेल परियोजना
इमेज कैप्शन, सरकारी अभिलेखों से जानकारी मिलती है कि प्लेग की महामारी के दौरान लंदन में हज़ारों लोगों को शहर के बाहर सामूहिक क़ब्रों में दफ़न किया गया था, लेकिन कब्रों की वास्तविक स्थिति एक रहस्य थी.
लंदन क्रॉसरेल परियोजना
इमेज कैप्शन, पुरातत्वविदों का मानना है कि यह जगह चार्टरहाऊस चौक के पास स्थित बर्बिकन के करीब है.
लंदन क्रॉसरेल परियोजना
इमेज कैप्शन, पुरातत्वविदों की योजना इस पूरे क्षेत्र में प्लेग से मारे गए लोगों के परिजनों की खोज करने की है. इस जगह कई क़ब्रों के होने के निशान मिले हैं.
लंदन क्रॉसरेल परियोजना
इमेज कैप्शन, खुदाई के दौरान मिले कंकाल के दाँतों से प्लेग के बैक्टीरिया येरसिनिया परसिस्ट के डीएनए मिले हैं. .ये क़ब्रें वर्ष 1348 से साल 1350 के बीच की मानी जा रही हैं.
लंदन क्रॉसरेल परियोजना , जे कार्वर
इमेज कैप्शन, क्रॉसरेल परियोजना के प्रमुख पुरातत्वविद् जे कार्वर इस खोज के बारे में कहते हैं, "इससे 660 साल पुराने रहस्य की गुत्थी सुलझ सकती है."
लंदन क्रॉसरेल परियोजना
इमेज कैप्शन, जे कार्वर बताते हैं, "इस खुदाई से यूरोप की सबसे भयानक महामारी के दस्तावेज़ीकरण और उसे समझने में मदद मिलेगी. आगे की खुदाई से पता चलेगा कि हम अपनी उम्मीदों पर कितने खरे उतरेंगे."