सोवियत संघ के पतन के बाद...

सोवियत संघ अब बीते ज़माने की बात है और उसके विघटन के बाद इमारतों के निर्माण के तौर तरीक़े भी बदल गए. देखें फ्रैंक हर्फोर्ट की तस्वीरें.

एस्टाना में बेयटेरेक टावर, 2012. फ्रैंक हर्फोर्ट
इमेज कैप्शन, फ्रैंक हर्फोर्ट जर्मन फ़ोटोग्राफ़र हैं और उन्होंने पूर्व सोवियत संघ के कई इलाक़ों का सफ़र सालों तक किया है. साम्यवाद के पतन के बाद इन इलाक़ों में कई बड़ी और नई इमारतें बनी जिसकी तस्वीरें फ्रैंक हर्फोर्ट ने खींची हैं. ये तस्वीर एस्टाना में बेयटेरेक टावर की है.
एस्टाना स्थित मंत्रालय की इमारतें, 2012. फ्रैंक हर्फोर्ट
इमेज कैप्शन, हर्फोर्ट कहते हैं, "मॉस्को की इमारतों को देखने के बाद ये महसूस हुआ कि पूर्व सोवियत संघ के लगभग सभी शहरों में आप ऐसी इमारतें देख सकते है." एस्टाना स्थित मंत्रालय की इमारतें (तस्वीर में)
कज़ान में यातायात पुलिस के मुख्यालय के बाहर का एक दृश्य. 2011, फ्रैंक हर्फोर्ट
इमेज कैप्शन, फ्रैंक ने कई इलाक़ों की ख़ाक छानी. दूर दराज़ तक सफ़र किया और वे न केवल उन इलाक़ों में हवाई जहाज़ और ट्रेनों से गए बल्कि अपनी पसंदीदा वोल्गा कार से भी सफ़र किया. ये कार उन्होंने मॉस्को में ख़रीदी थी. कज़ान में यातायात पुलिस के मुख्यालय के बाहर का एक दृश्य.
ट्रायम्फ़ एस्टाना, एस्टाना, 2012, फ्रैंक हर्फोर्ट
इमेज कैप्शन, फ्रैंक कहते हैं, "मैंने व्लादिवोस्तोक गया. चीन की सरहद से लगे ब्लैगोवेश्चेंश्क शहर भी गया. मैंने कज़ाकस्तान के एस्टाना से लेकर (ट्रायम्फ़ एस्टाना की ये तस्वीर वहीं ली गई थी) अज़रबैजान के बाकू तक का सफर किया और इस बीच में पड़ने वाली तमाम जगहों को देखा. इनमें सोची और सेंट पीटर्सबर्ग भी शामिल हैं."
मॉस्को का ग्रैंड पार्क टावर्स, 2009. फ्रैंक हर्फोर्ट
इमेज कैप्शन, फ्रैंक हर्फोर्ट बताते हैं, "ये तस्वीरें बड़े फॉर्मेट वाले फ़िल्म कैमरे से ली गई है. इन तस्वीरों को तैयार करने के लिए मैंने पुरानी और आधुनिक तकनीक की जुगलबंदी का भी सहारा लिया." ये तस्वीर मॉस्को के ग्रैंड पार्क टावर्स की है.
एस्टाना का लैज़ुर्नी क्वार्ताल. 2012, फ्रैंक हर्फोर्ट.
इमेज कैप्शन, एक शहर जिसने आमूलचूल परिवर्तन देखे हैं, वह है कज़ाकस्तान की राजधानी एस्टाना. यहाँ सोवियत काल में बनी कई इमारतों की जगह आने वाले कल के मद्देनज़र घास के मैदानों के बीचो बीच एक शहर बसा दिया गया. ये तस्वीर एस्टाना के लैज़ुर्नी क्वार्ताल की है.
एस्टाना में नॉर्दर्न लाइट टावर्स, 2012, फ्रैंक हर्फोर्ट.
इमेज कैप्शन, साल 1997 में कज़ाकस्तान की राजधानी दक्षिण में अलमाती से हटाकर उत्तर में अकमोला (पूर्ववर्ती सेलिनोग्राद) कर दी गई. साल 1998 में इसका नाम बदलकर एस्टाना कर दिया गया. पेट्रोलियम संसाधनों के लिहाज़ से समृद्ध माने जाने वाले इस देश ने अपने पुननिर्माण पर अरबों डॉलर की रक़म ख़र्च की. ये तस्वीर एस्टाना की ही नॉर्दर्न लाइट टावर्स की है.
चेलीबिंक्स सिटी, चेलीबिंक्स, 2012, फ्रैंक हर्फोर्ट.
इमेज कैप्शन, फ्रैंक ने चेलीबिंक्स सिटी की तस्वीरें साल 2012 में ली थी. चेलीबिंक्स को खासतौर पर इसलिए भी जाना जाता है कि साल 2013 के फ़रवरी महीने में आर्कटिक और कैस्पियन सागर से लगे पश्चिमी रूस की पहाड़ियों से उल्का पिंड जा टकराया था. कहा जाता है कि उस हादसे में सैंकड़ो लोग मारे गए थे. इस हादसे में कई इमारतें हिल गई थीं और घरों की खिड़कियां टूट गई थीं.
मॉस्को शहर का आर्को डी सोले इमारत, 2010 फ्रैंक हर्फोर्ट.
इमेज कैप्शन, फ्रैंक हर्फोर्ट का जुड़ाव बर्लिन और मॉस्को दोनों ही शहरों से रहा है. उन्होंने अपने प्रोजेक्ट के जरिए समकालीन रूस में जीवन के विरोधाभासों और विभिन्न पहलुओं को उकेरने की कोशिश की है. ये तस्वीर मॉस्को शहर के आर्को डी सोले इमारत की है.
मॉस्को की पारुस बिल्डिंग, 2010, फ्रैंक हर्फोर्ट.
इमेज कैप्शन, इस श्रृंखला से जुड़ी उनकी एक किताब 'इम्पीरियल पॉम्पः पोस्ट सोवियत हाई राइज़' 'केर्हर वेर्लाग' ने प्रकाशित की है. ये तस्वीर मॉस्को की पारुस बिल्डिंग की है. आप इस फोटो परियोजना की और तस्वीरें www.frankherfort.com पर देख सकते हैं.