मेरी शादी करना वहां, शौचालय हो जहां..

तीन साल पहले हुई जनगणना में पता चला कि आधे भारत के पास फ़ोन है, पर शौचालय नहीं. इस समस्या से निपटने में सरकारें कामयाब नहीं हो पाईं हैं, पर हिमाचल प्रदेश ने रास्ता दिखाया. देखिए तस्वीरें

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश को देशभर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर प्रदेश घोषित किया गया है. सरकार की तरफ़ से राज्य भर में सामुदायिक शौचालयों को बनवाने पर ज़ोर दिया जा रहा है.
इमेज कैप्शन, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश को देशभर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर प्रदेश घोषित किया गया है. सरकार की तरफ़ से राज्य भर में सामुदायिक शौचालयों को बनवाने पर ज़ोर दिया जा रहा है.
देश के बाक़ी हिस्सों की तरह हिमाचल में भी पूर्ण स्वच्छता अभियान (निर्मल भारत अभियान) शुरू किया गया था. नतीजा यह हुआ कि 2011 की जनगणना के मुताबिक़ प्रदेश के ग्रामीण इलाक़ों में खुले में शौच करने की प्रवृत्ति 72 फ़ीसदी से घटकर 33 फ़ीसदी हो गई है.
इमेज कैप्शन, देश के बाक़ी हिस्सों की तरह हिमाचल में भी पूर्ण स्वच्छता अभियान (निर्मल भारत अभियान) शुरू किया गया था. नतीजा यह हुआ कि 2011 की जनगणना के मुताबिक़ प्रदेश के ग्रामीण इलाक़ों में खुले में शौच करने की प्रवृत्ति 72 फ़ीसदी से घटकर 33 फ़ीसदी हो गई है.
ग्रामीण इलाक़ों में शौचालय बनवाने के लिए सरकार ने अभियान चलाया. अब जिनके पास फ़ोन या टीवी नहीं है, उनके घरों में शौचालय मिल जाएंगे.
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गांव की पंचायतों की मदद से चले इस अभियान के दौरान शौचालय बनवाने पर सरकार की तरफ़ से मदद और पुरस्कार भी दिए जाते हैं.
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जहां पूरे देश में खुले में शौच की प्रवृत्ति में सिर्फ़ 11 फ़ीसदी की गिरावट आई, वहीं हिमाचल में यह गिरावट 39 फ़ीसदी तक है. हिमाचल प्रदेश के लिए यह एक पर्यावरण की समस्या भी है.
इमेज कैप्शन, जहां पूरे देश में खुले में शौच की प्रवृत्ति में सिर्फ़ 11 फ़ीसदी की गिरावट आई, वहीं हिमाचल में यह गिरावट 39 फ़ीसदी तक है. हिमाचल प्रदेश के लिए यह एक पर्यावरण की समस्या भी है.
ग्राम पुरस्कार योजना के तहत कुछ गांवों को 10 लाख रुपए तक का पुरस्कार दिया गया है. इस वजह से ग्रामीण इलाक़ों में प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिली है.
इमेज कैप्शन, ग्राम पुरस्कार योजना के तहत कुछ गांवों को 10 लाख रुपए तक का पुरस्कार दिया गया है. इस वजह से ग्रामीण इलाक़ों में प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिली है.
शौचालय सस्ते हों, इसके लिए बायोगैस का भी प्रयोग किया गया है. आमतौर पर सामुदायिक शौचालयों को बढ़ावा दिया गया.
इमेज कैप्शन, शौचालय सस्ते हों, इसके लिए बायोगैस का भी प्रयोग किया गया है. आमतौर पर सामुदायिक शौचालयों को बढ़ावा दिया गया.
शौचालयों की अधिकता के बाद राज्य में बीमारियों में कमी भी देखी गई है. डॉक्टरों का कहना है कि हेपाटाइटिस, टायफ़ायड और हैजा जैसी बीमारियों के मरीज़ कम आ रहे हैं.
इमेज कैप्शन, शौचालयों की अधिकता के बाद राज्य में बीमारियों में कमी भी देखी गई है. डॉक्टरों का कहना है कि हेपाटाइटिस, टायफ़ायड और हैजा जैसी बीमारियों के मरीज़ कम आ रहे हैं.