बॉक्सिंग की चमक-दमक भरी दुनिया के अंधेरे कोनों से ब्रिटेन के एक फ़ोटोग्राफ़र ने ली कुछ तस्वीरें.
इमेज कैप्शन, फ़ोटोग्राफ़र मैक्स कांधोला ने बॉक्सिंग की दुनिया को अपने कैमरे में क़ैद करने की कोशिश की है. उन्होंने पर्दे के पीछे जाकर मुक्केबाज़ बनने की ट्रेनिंग और उसकी तैयारी के मनोभावों को पकड़ने की कोशिश की है.
इमेज कैप्शन, मुक्केबाज़ों को जहां ट्रेनिंग मिलती है, वहां दीवारों पर प्रसिद्ध मुक्केबाज़ों की तस्वीरें भी देखने को मिल सकती हैं, जिनसे मुक्केबाज़ो को बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है.
इमेज कैप्शन, शौकिया तौर पर मिडिलवेट बाक्सिंग करने वाले डेविड स्कॉट अब ट्रिनिटी कॉलेज, डब्लिन में प्रोफेसर हैं लेकिन वे पार्ट टाइम बॉक्सिंग कोचिंग का काम भी करते हैं. उनके मुताबिक मैक्स बॉक्सिंग रिंग की चमक-दमक के पीछे की दुनिया को लोगों के सामने लाना चाहते हैं.
इमेज कैप्शन, मैक्स ने बाक्सिंग के ट्रेनिंग रिंग के आसपास की गंदगी को कैमरे में क़ैद कर लिया. कई बार मुक्केबाज़ों को ऐसे गंदगी भरे वातावरण में भी अगले मुकाबले की तैयारी करनी होती है.
इमेज कैप्शन, मैक्स ने अपने इस प्रोजेक्ट के तहत तीन जाने-माने मुक्केबाज़ों पर भी काम किया है. इनमें राबर्ट मैकक्रैकन भी शामिल हैं जिन्होंने साल 1994 में ब्रिटिश लाइट मिडिलवेट और साल 1995 में कॉमनवेल्थ खि़ताब जीता था.
इमेज कैप्शन, मैक्स कांधोला ब्रिटेन के जाने-माने फ़ोटोग्राफ़र हैं, जिनकी तस्वीरों की प्रदर्शनी यूरोप और अमरीका में कई बार लग चुकी है.
इमेज कैप्शन, मैक्स कांधोला की तस्वीरों की सीरीज़ 'द ऑरा ऑफ़ बॉक्सिंग' को डेवी लुइस प्रकाशन ने नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी की मदद से प्रकाशित किया है. और यह आने वाले दिनों में ब्रिटेन की कई गैलरी में प्रदर्शित होने जा रही है.