क्या बनना है आपको मुग़ले आज़म या दबंग...

बॉलीवुड में हाथ से बने पोस्टर दशकों पहले बनने बंद हो गए थे. लेकिन इसके कलाकारों ने उसे एक नया आयाम दिया है. वे अब इन पोस्टरों में अपने ग्राहकों के चेहरे और परिवार को पेंट कर रहे हैं. विदेशी सैलानियों में इनकी ख़ासी मांग है.

हाथ से बना एक पोस्टर
इमेज कैप्शन, पिछले दशकों में बॉलीवुड फ़िल्मों के हाथ से बनने वाले पोस्टरों में कमी आई है. लेकिन दिल्ली में हाथ से पोस्टर बनाने वाले कुछ कलाकार इसमें कुछ नया प्रयोग कर रहे हैं. इसमें वो अपने ग्राहकों के चेहरे पेंट कर रहे हैं. बीबीसी की आकंक्षा सक्सेना ऐसे ही एक कलाकार से मिलीं और उनकी कुछ तस्वीरें बीबीसी के पाठकों के लिए लेकर आईं.
विजय कुमार
इमेज कैप्शन, विजय कुमार एक ऐसे ही कलाकार है. विजय ने अपनी कला को नया आयाम दिया. वो कहते हैं कि उनके विदेशी ग्राहक उनकी कला की अच्छी क़ीमत देते हैं और वो अधिक मोल-भाव नहीं करते हैं.
'ओम शांति ओम' पर आधारित एक पोस्टर
इमेज कैप्शन, शाहरुख़ ख़ान और दीपिका पादुकोण की हिट फ़िल्म 'ओम शांति ओम' की विदेशियों में काफ़ी मांग है. एक अच्छे पोस्टर लगभग 15000 रुपयों से चालू होती है. पोस्टर के साइज़ और उस पर काम के लिहाज़ से यह बढ़ती जाती है.
एक जोड़े का पोस्टर
इमेज कैप्शन, इस पोस्टर को विजय कुमार ने एक विदेशी ग्राहक के लिए बनाया है, जो अपने प्यार को अमर कर देना चाहते थे.
हाथ से बने फ़िल्मों के पोस्टर
इमेज कैप्शन, भारत में 1990 के दशक में कंप्यूटर के जरिए बनने वाले पोस्टरों ने हाथ से बनने वाले पोस्टरों की जगह ले ली. इसके बाद से बहुत से कलाकार बेरोज़गार हो गए.
'ओम शांति ओम' पर आधारित एक जोड़े का पोस्टर
इमेज कैप्शन, शाहरुख़ ख़ान और दीपिका पादुकोण की हिट फ़िल्म 'ओम शांति ओम' की विदेशियों में काफ़ी मांग है. एक बड़ा और अच्छे काम वाला पोस्टर करीब एक हफ़्ते का समय लेता है.
दबंग पर आधारित एक पोस्टर
इमेज कैप्शन, विजय कुमार के अधिकतर ग्राहक विदेशी हैं. सलमान ख़ान की सुपर हिट फ़िल्म 'दबंग' पर आधारित इस पोस्टर में उनके एक ग्राहक के चेहरे को देखा जा सकता है.
एक जोड़े का हाथ से बना पोस्टर
इमेज कैप्शन, बॉलीवुड की फ़िल्मों के पोस्टर की तरह पोस्टर अधिकतर विदेशी लोग बनवाते हैं, जो इन पोस्टरों को यादगार के रूप में अपने देश लेकर जाते हैं.