दिल्ली का मिनी अफ्रीका

खिड़की एक्सटेंशन दिल्ली का एक ऐसा इलाका है जिसे यहां का मिनी अफ्रीका कहा जाता है. पिछले दिनों दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद के कारण यह इलाका सुर्खियों में बना रहा.

खिड़की एक्सटेंशन
इमेज कैप्शन, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का खिड़की एक्सटेंशन इलाका हाल के दिनों में काफी सुर्खियों में रहा. राज्य सरकार के मंत्री सोमनाथ भारती ने यहां एक घर के सामने चार युगांडाई महिलाओं पर वेश्यावृत्ति और ड्रग्स तस्करी का आरोप लगाते हुए आधी रात को पुलिस पर दबिश डालने का दबाव बनाया था. फोटोग्राफर रॉनी सेन ने यहां के लोगों के जीवन को अपने कैमरे में क़ैद किया है.
खिड़की एक्सटेंशन
इमेज कैप्शन, यह इलाक़ा दिल्ली मेट्रो के क़रीब और साकेत के शॉपिंग माल के पास है. खिड़की एक्सटेंशन की सँकरी गलियों में बहुत छोटे-छोटे घर बने हुए हैं.
खिड़की एक्सटेंशन
इमेज कैप्शन, इस इलाक़े में किराए पर घर सस्ते में मिल जाते हैं. दिल्ली के मध्य में होने के कारण छात्रों और युवा पेशेवरों की यह सबसे पसंदीदा जगह है. इस तस्वीर में एक भित्ति चित्र के पास खड़े स्थानीय लोग.
खिड़की एक्सटेंशन
इमेज कैप्शन, सस्ते होने का कारण इस इलाके में प्रवासी मज़दूरों की भी अच्छी खासी आबादी है.
खिड़की एक्सटेंशन
इमेज कैप्शन, अधिकांश मकान मालिक अफ्रीकी मूल के लोगों को ही किराएदार बनाना पसंद करते हैं क्योंकि ये अच्छा खासा किराया देते हैं. लेकिन कुछ अफ्रीकी आरोप लगाते हैं कि उनके भारतीय पड़ोसी उनके साथ नस्लीय व्यवहार करते हैं और बुरा बर्ताव करते हैं.
खिड़की एक्सटेंशन
इमेज कैप्शन, इस इलाके में ज्यादातर इमारतें अवैध हैं और कुछ के पास तो पानी का वैध कनेक्शन तक नहीं है. बिखरे हुए बिजली के तार इमारतों में आग और दुर्घटना को आमंत्रित करते हैं.
खिड़की एक्सटेंशन
इमेज कैप्शन, इस माह की शुरुआत में जबसे आधी रात को हंगामा हुआ है, यहां रहने वाले अधिकांश अफ्रीकियों का कहना है कि वे घर के अंदर ही रहना पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें बाहर जाने पर डर लगता है. इस तस्वीर में एक महिला अपने घर की बालकनी में खड़ी है.
खिड़की एक्सटेंशन
इमेज कैप्शन, हाल ही में इस इलाक़े के नाइजीरियाई बार को प्रशासन ने बंद कर दिया.
खिड़की एक्सटेंशन
इमेज कैप्शन, आधी रात के हंगामे के कारण बहुत से अफ्रीकी कॉलोनी से चले गए हैं और जो रह गए हैं, उन्हें स्थानीय लोगों के उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है और वे डर में यहां जी रहे हैं.