चीन के वो चमकदार 50 साल

मिंग वंश के शासनकाल और विशेषकर सन् 1400 से 1450 के बीच चीन का वैभव अपने चरम पर था. अब ब्रिटिश संग्रहालय उस दौर की कुछ चीजें एक प्रदर्शनी में पेश करने जा रहा है. देखिए एक झलक.

मिंग वंश के शासनकाल और विशेष कर 1400 से 1450 ईसवी के बीच चीन का वैभव अपने चरम पर था.
इमेज कैप्शन, मिंग वंश के शासनकाल और विशेष कर 1400 से 1450 ईसवी के बीच चीन का वैभव अपने चरम पर था.
लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय ने घोषणा की है कि वो चीन के इस स्वर्णकाल को प्रदर्शित करने वाली चीज़ों को एक प्रदर्शनी में पेश करेगा.
इमेज कैप्शन, लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय ने घोषणा की है कि वो चीन के इस स्वर्णकाल को प्रदर्शित करने वाली चीज़ों को एक प्रदर्शनी में पेश करेगा.
मिंग काल में चीन ने ज्ञात दुनिया के बहुत से हिस्सों के साथ संपर्क बढ़ाया. भारत से लेकर फारस की खाड़ी और पूर्वी अफ़्रीका तक चीनी यात्री गए. बाक़ी दुनिया के साथ चीन के संबंधों पर इन यात्राओं का बेहद असर पड़ा.
इमेज कैप्शन, मिंग काल में चीन ने ज्ञात दुनिया के बहुत से हिस्सों के साथ संपर्क बढ़ाया. भारत से लेकर फारस की खाड़ी और पूर्वी अफ़्रीका तक चीनी यात्री गए. बाक़ी दुनिया के साथ चीन के संबंधों पर इन यात्राओं का बेहद असर पड़ा.
संग्रहालय की जेसिका हैरीसन हॉल का कहना है कि ये प्रदर्शनी किसी भी इतिहास प्रेमी की उम्मीदों पर खरी उतरेगी. इसमें ऐसी कई चीज़ें हैं जो चित्रकारी और वस्त्रों से कहीं ज़्यादा अहमियत रखती हैं.
इमेज कैप्शन, संग्रहालय की जेसिका हैरीसन हॉल का कहना है कि ये प्रदर्शनी किसी भी इतिहास प्रेमी की उम्मीदों पर खरी उतरेगी. इसमें ऐसी कई चीज़ें हैं जो चित्रकारी और वस्त्रों से कहीं ज़्यादा अहमियत रखती हैं.
वो कहती हैं, "चीन हमें एक जैसा लगता है. लेकिन ये उस समय बहुत सी संस्कृतियों का संगम था, इतना ज़्यादा कि उस समय बीजिंग में एक अनुवाद ब्यूरो था. वहां ईरान के खगोलशास्त्री थे तो वियतनाम के वास्तुकार और हथियारों के विशेषज्ञ जापान से आते थे."
इमेज कैप्शन, वो कहती हैं, "चीन हमें एक जैसा लगता है. लेकिन ये उस समय बहुत सी संस्कृतियों का संगम था, इतना ज़्यादा कि उस समय बीजिंग में एक अनुवाद ब्यूरो था. वहां ईरान के खगोलशास्त्री थे तो वियतनाम के वास्तुकार और हथियारों के विशेषज्ञ जापान से आते थे."
इस प्रदर्शनी में रखी गई चीज़ें 31 जगहों से आई हैं. इनमें से कुछ निजी संग्रह से हैं तो कुछ संग्राहलयों और पुस्तकालयों से ली गई हैं. इसमें से ज़्यादातर सामग्री को पहले नहीं प्रदर्शित नहीं किया गया है, यहां तक कि ये विशेषज्ञों के लिए भी नई हैं.
इमेज कैप्शन, इस प्रदर्शनी में रखी गई चीज़ें 31 जगहों से आई हैं. इनमें से कुछ निजी संग्रह से हैं तो कुछ संग्राहलयों और पुस्तकालयों से ली गई हैं. इसमें से ज़्यादातर सामग्री को पहले नहीं प्रदर्शित नहीं किया गया है, यहां तक कि ये विशेषज्ञों के लिए भी नई हैं.
चीन के सिचुआन, शांडोंग और हुबेई के शाही मकबरों से मिली चीज़ें भी इस प्रदर्शनी का हिस्सा हैं. यहां योंगले सम्राट की तलवार भी रखी गई है.
इमेज कैप्शन, चीन के सिचुआन, शांडोंग और हुबेई के शाही मकबरों से मिली चीज़ें भी इस प्रदर्शनी का हिस्सा हैं. यहां योंगले सम्राट की तलवार भी रखी गई है.
'मिंग: 50 साल जिन्होंने चीन को बदल दिया' नाम की यह प्रदर्शनी 18 सितंबर 2014 से 5 जनवरी 2015 तक लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय की सेंसबरी एग्जिबिशंस गैलरी में देखी जा सकती है.
इमेज कैप्शन, 'मिंग: 50 साल जिन्होंने चीन को बदल दिया' नाम की यह प्रदर्शनी 18 सितंबर 2014 से 5 जनवरी 2015 तक लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय की सेंसबरी एग्जिबिशंस गैलरी में देखी जा सकती है.