हिम युग के विशाल हाथी

इन्हें मैमथ कहा जाता है और ये स्तनपायी होते थे. वैज्ञानिक कहते हैं कि साढ़े पाँच करोड़ साल पहले ये धरती पर पाए जाते थे. तस्वीरों में देखिए.

मैमथ की नजदीक से ली गई तस्वीर. द फील्ड म्यूजियम
इमेज कैप्शन, हिम युग में पाए जाने वाले विशाल हाथी, मैमथ, से जुड़ी एक प्रदर्शनी इन दिनों एडिनबरा के नेशनल म्यूज़ियम ऑफ स्कॉटलैंड में आयोजित की जा रही है. इस महत्वपूर्ण प्रदर्शनी का आयोजन शिकागो स्थित 'द फील्ड म्यूजियम' कर रहा है. म्यूज़ियम ऑफ स्कॉटलैंड में ये प्रदर्शनी 20 अप्रैल तक जारी रहेगी. यह पहली बार है कि हिम युग के महत्वपूर्ण पदार्थों का संग्रह यूरोप में एक साथ प्रदर्शित किया जा रहा है.
मैमथ का रेखा चित्रः द फील्ड म्यूज़ियम
इमेज कैप्शन, हिम युग के मैमथ उस समय के रहस्यों को खोलते हैं. इनसे पता चलता है कि हिम युग में इन स्तनपायी जीवों का जीवन कैसा था. रेखा चित्रः वेलिज़ार सिमोनोवोस्की.
द फील्ड म्यूज़ियम
इमेज कैप्शन, हाथियों, मैमथ और मैस्टोडोन्स के वंश वृक्ष की जड़ें साढ़े पाँच करोड़ साल पहले के वक्त में खोजी जा सकती हैं. इनका उद्भव अफ्रीकी क्षेत्र में हुआ था. अमरीकी मैस्टोडोन का ये अस्थि पिंजर दिखाता है कि उस दौर में इस जानवर के दाँत आज के हाथियों की तुलना में अधिक मुड़े हुए थे. फोटोः जॉन वीनस्टीन.
फोटोः जॉन वीनस्टीन.
इमेज कैप्शन, मैस्टोडोन मैमथ की तुलना में नाटे और अधिक गठीले होते थे. इनकी हड्डियाँ मोटी होती थीं और दाँतों का आकार भिन्न होता था. उत्तरी अमरीका में मैस्टोडोन्स मैमथ के साथ-साथ ही अस्तित्व में रहे क्योंकि दोनों के खान पान की शैलियाँ अलग थीं. इसलिए उनके बीच खान-पान को लेकर कभी प्रतिस्पर्द्धा नहीं रही. अनुमान के मुताबिक एक मैमथ प्रत्येक दिन 226 किलो पेड़-पौधे खा जाते थे. मैस्टोडोन के दाँत (बाएँ) के सिरे नुकीले होते थे जिनसे उन्हें किसी टहनी को छीलने या कुरदने में सहूलियत होती थी जबकि मैमथ अपने दाँत (दाहिने) का इस्तेमाल पत्तियों और घासों को पीसने के काम में लाता था. फोटोः जॉन वीनस्टीन.
फोटोः जॉन वीनस्टीन.
इमेज कैप्शन, ये मैमथ का नुकाला दाँत है, कुछ कुछ किसी अंगूठी की तरह. मैमथ के दाँत साल दर साल कई स्तरों में विकसित होते थे. वैज्ञानिक मैमथ के दाँत का परीक्षण करके ये पता लगाते हैं कि मौत के वक्त उस मैमथ की उम्र कितनी रही होगी.
वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने ल्यूबा की खोज के बाद उसके मौत के कारणों की जाँच की और उसके डीएनए का विश्लेषण भी किया.
इमेज कैप्शन, बेबी वूली मैमथ ल्यूबा 40 हजार साल पुरानी है. यह अब तक खोजे गए मैमथ में सबसे बेहतर ढंग से संरक्षित रहा है. उसे साइबेरियाई बारहसिंगों के झुंड ने साल 2007 में ढूंढा था. वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने ल्यूबा की खोज के बाद उसके मौत के कारणों की जाँच की और उसके डीएनए का विश्लेषण भी किया.
ल्यूबा, इंटरनेशनल मैमथ कमेटी/फ्रांसिस लैटरेली.
इमेज कैप्शन, यह वास्तविक ल्यूबा है. हिम युग के मैमथ से जुड़ी प्रदर्शनी में ल्यूबा की प्रतिकृति देखी जा सकती है. ल्यूबा की सूँड उसकी मौत के वक्त टूट गई थी. वैज्ञानिकों का अंदाजा है कि ल्यूबा दलदल में गिर गई होगी और दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई होगी. ल्यूबा के अध्ययन से हमें ये सीखने को मिलता है कि मैमथ किस तरह से बर्ताव करते थे, वे किस तरह दिखते थे और क्या खाते थे. फोटोः इंटरनेशनल मैमथ कमेटी/फ्रांसिस लैटरेली.
मैमथ की प्रदर्शनी. ब्लू राइनो स्टूडियो
इमेज कैप्शन, प्रदर्शनी में आने वाले लोग बड़े से बड़े और सबसे छोटे आकार वाले मैमथ भी देख सकते हैं, उन्हें छू सकते हैं. इस तस्वीर में दिखाई दे रहा विशाल हाथी एक कोलंबियाई मैमथ की प्रतिकृति है. ये एक लंबे रोएं वाले मैमथ के परिवार से है जो चार मीटर लंबा हुआ करता था.
लंबे घुमावदार दाँतों वाली बिल्ली. द फील्ड म्यूजियम
इमेज कैप्शन, मैमथ और मैस्टोडोन्स अपने रहने की जगह दूसरे जानवरों के साथ भी साझा किया करते थे. उनमें से कई अब लुप्त हो चुके हैं. उन जानवरों में लंबे घुमावदार दाँतों वाली ये बिल्ली, छोटे मुँह वाले भालू, प्राचीन नस्ल के घोड़े और खतरनाक भेड़िये भी थे- जो अब लुप्त हो चुके हैं.
कोलंबियाई मैमथ, अफ्रीकी हाथी और अमरीकी मैस्टोडोन का रेखाचित्र. द फील्ड म्यूज़ियम
इमेज कैप्शन, इस स्केच में कोलंबियाई मैमथ, अफ्रीकी हाथी और अमरीकी मैस्टोडोन (पीछे से आगे की ओर) की तस्वीर देखी जा सकती है. इनके साए में एक छह फीट का मनुष्य भी है. हालांकि सभी मैमथ विशाल आकार के नहीं होते थे. पिग्मी मैमथ बड़े आकार वाले घोड़ों की तरह होते थे. रेखा चित्रः वेलिज़ार सिमोनोवोस्की.
गुफा की दीवारों पर बने चित्र. जियान प्लैसार्ड
इमेज कैप्शन, डायनासोर और प्रागैतिहासिक काल के अन्य स्तनपायी जानवरों के विपरीत मैस्टोडोन और मैमथ हजारों सालों तक मानवों के साथ साथ रहे. जो आखिरी मैमथ जीवित बचा था वह चार हजार साल पहले तक आर्कटिक सागर में रैंगल द्वीप पर जीवित रहा. प्रागैतिहासिक काल के मनुष्यों के लिए मैमथ और मैस्टोडोन्स भोजन का स्रोत भी हुआ करते थे और कलात्मक स्वभाव के लोग उनसे प्रेरणा भी लिया करते थे. ये तस्वीर फ्रांस के रॉफिग्नाक गुफा के दीवार की है जिस पर ये पेंटिंग्स बनी हुई हैं. दीवारों पर बने ये चित्र 15 से 20 हजार साल पहले के माने जाते हैं.
क्लोविस प्वॉयंट्स. फोटोः चैरलोट पेन्वी. साभारः सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ द फर्स्ट अमरीकंस, टेक्सास, ए एंड एम यूनिवर्सिटी.
इमेज कैप्शन, मैमथ क्यों लुप्त हो गए? इस सवाल के जवाब की तलाश में हिम युग के मैमथों के अनुसंधानकर्ता उनके लुप्त होने से जुड़े सिद्धांतों की पड़ताल करते हैं. जैसे कि जलवायु परिवर्तन, मानवों द्वारा शिकार, भिन्न जीवों से होने वाली बीमारियाँ, पृथ्वी पर उल्का पिंडों का गिरना. क्लोविस प्वॉयंट्स के नाम से जाने जाने वाले भाले की नोक सरीखी ये खूबसूरत आकृति भी प्रदर्शनी में देखी जा सकती है. क्लोविस प्वॉयंट्स का इस्तेमाल शायद मैमथ और मैस्टोडोन के शिकार में किया जाता था. फोटोः चैरलोट पेन्वी. साभारः सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ द फर्स्ट अमरीकंस, टेक्सास, ए एंड एम यूनिवर्सिटी.
रोयेंदार मैमथ का ये विशाल पिंजर. http://www.paleoart.com
इमेज कैप्शन, रोयेंदार मैमथ का ये विशाल पिंजर भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है. इस प्रदर्शनी में अस्थि पिंजर के जीवाश्म, पुराने जीवों की बड़े आकार की प्रतिकृतियां, दाँत, जबड़ों के जीवाश्म देखे जा सकते हैं.