'जो महिला धरती पर नहीं आना चाहती'

दिल्ली में हो रहे 'भारत रंग महोत्सव' में अंतरराष्ट्रीय और प्रांतीय नाटकों का प्रदर्शन हो रहा है. इसमें इसराइल का मशहूर नाटक 'द वुमन हू डिड नॉट वॉन्ट टू कम डाउन टू अर्थ' भी है.

भारत रंग महोत्स्व
इमेज कैप्शन, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक वामन केन्द्रे के मुताबिक 'भारत रंग महोत्सव' भारत और विदेश के कई नाटकों को एक मंच पर लाने का प्रयास है. नाटकों के इस सालाना महोत्सव में इस वर्ष छह देशों और भारत के 17 राज्यों से नाटकों का मंचन हो रहा है.
भारत रंग महोत्स्व (नाटक - बस्तर बैंड)
इमेज कैप्शन, इस वर्ष महोत्सव का केन्द्र बिन्दु लोक नाट्य हैं, जैसे छत्तीसगढ़ के बस्तर से आया बस्तर बैंड. इस बैंड ने बस्तर इलाके के लु्प्त होते पारंपरिक वाद्यों को सहेजा है और अपनी प्रस्तुति में इनके साथ लोक गीतों को पिरोया है.
भारत रंग महोत्स्व (नाटक - नौटंकी)
इमेज कैप्शन, 'भारत रंग महोत्सव', अलग-अलग भाषाओं के नाटकों की प्रस्तुति का अहम् मंच माना जाता है. विभिन्न प्रदेशों की लोक संस्क़ति को नाटक के प्रशिक्षण के ज़रिए मुख्यधारा में लाने के लिए अब राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय या एनएसडी ने सरकार से एनएसडी की तर्ज़ पर और संस्थान बनाने की दरख़्वास्त की है.
भारत रंग महोत्स्व (नाटक - इमान इमान पानी)
इमेज कैप्शन, इस वर्ष महोत्सव में उत्तर-पूर्व से भी कई नाटक शामिल किए गए हैं. चार नाटक मणिपुर और तीन असम से हैं. एनएसडी के अध्यक्ष रतन थियम के मुताबिक उत्तर-पूर्व में नाट्य कला का मज़बूत इतिहास रहा है जिस वजह से महोत्सव को वहां ले जाना बहुत ज़रूरी है.
भारत रंग महोत्स्व (नाटक - माया II)
इमेज कैप्शन, इसी सोच के तहत नौ जनवरी से इम्फ़ाल और गुवाहाटी में भी इस महोत्सव के तीन भारतीय और तीन अंतरराष्ट्रीय नाटक दिखाए जाएंगे. दिल्ली में ये महोत्स्व 19 जनवरी तक जारी है.
भारत रंग महोत्स्व (नाटक - उत्सुशी)
इमेज कैप्शन, महोत्सव में शामिल अंतरराष्ट्रीय नाटकों में से कई ग़ैर-शाब्दिक हैं. इनमें जापान, इस्राइल, पोलैंड और जर्मनी के नाटक शामिल हैं. इन प्रस्तुतियों में संगीत, ऩत्य, इन्स्टॉलेशन्स समेत कई अन्य तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है.
भारत रंग महोत्स्व (नाटक - द वुमन हू डिड नॉट वॉन्ट टू कम डाउन टू अर्थ)
इमेज कैप्शन, इसराइल के इस नाटक में एक महिला के धरती ना छूने की ज़िद को दिखाया गया है. इस ग़ैर-शाब्दिक नाटक में उन्हें हर कीमत पर मिट्टी से अछूते रहने के प्रयास करते देखा जा सकता है. ऐसे नाटकों से प्रेरित हो कुछ भारतीय ग़ैर-शाब्दिक नाटक भी महोत्सव में शामिल हैं.
भारत रंग महोत्स्व (नाटक - दोज़ हू कुड नॉट हेयर द म्यूज़िक)
इमेज कैप्शन, विक्रम सेठ की किताब 'ऐन ईक्वल म्यूज़िक' से प्रेरित हो बनाए गए इस नाटक में नृत्य का भरपूर इस्तेमाल किया गया है. महोत्सव देखने आए एक रंगकर्मी के मुताबिक पारंपरिक शैली से हटकर किए जा रहे प्रयोगात्मक नाटक बेहद रोमांचक हैं क्योंकि वो दर्शक का हाथ पकड़ने की जगह उन्हें नाटक का भाव समझने के लिए खुला छोड़ देते हैं.
भारत रंग महोत्स्व (नाटक - पुरुषसूक्ता)
इमेज कैप्शन, महोत्सव में विभिन्न भाषाओं के साथ-साथ नाटकों के लिए अलग-अलग विषय भी चुने गए हैं. विजय तेंदुल्कर, बर्तोल्त ब्रेख्त जैसे बहुचर्चित नाटककारों के नाटकों के साथ ही ऊषा गांगुली और राम जी बाली द्वारा लिखे गए नए नाटक भी हैं.
भारत रंग महोत्स्व
इमेज कैप्शन, एनएसडी के निदेशक वामन केन्द्रे के मुताबिक नए नाटककारों के प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय अपने अगले सेशन के पाठ्यक्रम में ख़ास नाटक लिखने का एक कोर्स शुरू करने जा रहा है.