ट्रांसजेंडर: हम भी किसी से कम नहीं

ट्रांसजेंडर समुदाय को अक्सर समाज में हाशिए पर रखा जाता है. मगर थिएटर हो, टेलीविज़न, बिज़नेस या फिर गायन जहां इन्हें मौक़ा मिला, इन्होंने नाम कमाया है.

अक्कई
इमेज कैप्शन, अक्कई का असल नाम जगदीश है. ट्रांसजेंडर होने के कारण उन्हें घर छोड़ना पड़ा और यौनकर्मी का काम भी करना पड़ा. प्रशिक्षण के बाद अब वे मानवाधिकार कार्यकर्ता बन गई हैं.
कांता
इमेज कैप्शन, मणिपुर की कांता पेशे से गायिका हैं और राज्य की तरफ़ से आयोजित होने वाली गायन प्रतियोगिता में उन्होंने चार साल तक सर्वश्रेष्ठ गायिका का पुरस्कार जीता है.
कांता
इमेज कैप्शन, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षण हासिल कर चुकी कांता को महिला आवाज़ में गाने के कारण परिवार और समाज का कड़ा विरोध झेलना पड़ा, मगर उन्होंने हार नहीं मानी.
अमितावा सरकार
इमेज कैप्शन, कोलकाता की अमितावा सरकार पोस्ट ग्रेजुएट हैं और एक एनजीओ में काम करती हैं. इसके अलावा वे ट्रांसजेंडर मुद्दों पर फिल्में भी बनाती हैं.
ट्रांसजेंडर
इमेज कैप्शन, ट्रांसजेंडरों ने साबित किया है कि वो भी उन जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकते हैं जहां अब तक उनके लिए पाबंदियां रही हैं.
कल्कि
इमेज कैप्शन, पॉन्डिचेरी की कल्कि बाँस के उत्पादों का अपना बिज़नेस चलाती हैं और अपनी संस्था भी चलाती हैं.
कल्कि
इमेज कैप्शन, कल्कि को भी समाज के तिरस्कार का सामना करना पड़ा. उन्होंने सर्जरी के बाद औरत बनना पसंद किया.
अंकुरा
इमेज कैप्शन, वडोदरा की अंकुरा ने भी हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत सीखा है. उनका कहना है कि बचपन में महिला प्रवृत्ति के कारण न सिर्फ़ उन्हें भाईयों से मार पड़ती थी बल्कि स्कूल में भी उन पर अभद्र टिप्पणियां होती थीं. आज वही अंकुरा अपने माँ-बाप का सहारा हैं और अपना एनजीओ चलाती हैं. सभी तस्वीरें- बीबीसी
ट्रांसजेंडर
इमेज कैप्शन, ट्रांसजेंडरों का मानना है कि उन्हें लेकर समाज के रुख़ में बदलाव आने में अभी वक़्त लगेगा. किन्नर समुदाय के बहुत से लोग अब भी पुराने तरीक़ों से ही कमाई कर गुज़ारा करते हैं. तस्वीर-एपी