शामी, कब्रिस्तान और क्रिकेट

कब्रिस्तान की ज़मीन पर खेलकर भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शामी ने गेंदबाज़ी को धार दी. शामी के गाँव में रचा-बसा है क्रिकेट.

सहसपुर अलीनगर गाँव
इमेज कैप्शन, दिल्ली से क़रीब 130 किलोमीटर और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 24 से क़रीब तीन किलोमीटर दूर है भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शामी का गाँव सहसपुर अलीनगर. शामी ने इस मुस्लिम बहुल गाँव को नई पहचान दी है.
तौसीफ़ अहमद
इमेज कैप्शन, शामी के अब्बा तौसीफ़ अहमद भी क्रिकेट के शौक़ीन रहे हैं. शामी की तरह वे भी अपने गाँव की क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज़ थे.
शामी का घर
इमेज कैप्शन, गाँव में मोहम्मद शामी का परिवार इसी घर में रहता है. उनके पिता, माँ और बहन अब भी यहीं रहते हैं जबकि बड़े भाई हसीब काम के सिलसिले में मुरादाबाद में रहते हैं.
कब्रिस्तान का मैदान
इमेज कैप्शन, होश संभालते ही क्रिकेट की गेंद थामने वाले शामी का पहला मैदान यह क़ब्रिस्तान बना. यहाँ अब भी क्रिकेट खेला जाता है.
सीमेंट की पिच
इमेज कैप्शन, अभ्यास के लिए शामी ने ख़ाली पड़ी इसी ज़मीन पर सीमेंट की पिच बनाई और अपनी गेंदबाज़ी को नई रफ़्तार दी. अब इस पर गाँव के बच्चे खेलते हैं.
क़ब्रिस्तान में बनी पिच
इमेज कैप्शन, क्रिकेट यहाँ के बच्चों की रग-रग में बसा है. शामी भी गाँव के क़ब्रिस्तान की इस पिच पर कभी ऐसे ही खेलते थे.
तौसीफ़ अहमद
इमेज कैप्शन, शामी के अब्बा तौसीफ़ अहमद अब भी रोज़ बच्चों को खेलता देखने आते हैं. एक बच्चे का तेज़ शॉट उनके हाथ में जा लगा.
मोर
इमेज कैप्शन, और ये मोर भी मोहम्मद शामी के परिवार का सदस्य है. सभी तस्वीरें बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने मोहम्मद शामी के गाँव से भेजी है.