नटखट बच्चों की तस्वीरों के लिए ज़रूरी है माँ

तस्वीरों में देखिए फ़ोटोग्राफ़ी की शुरुआत में किस तरह छोटे बच्चों की तस्वीरें खींचने के लिए उनकी माताओं का सहयोग बहुत ज़रूरी था.

'दी हिडेन मदर', मैक (MACK) और नुवेयु मुसी नैशनल डी मोनाको
इमेज कैप्शन, जब से कैमरे की खोज हुई है तभी से लोगों के मन में अपने बढ़ते बच्चों के जीवन को कैमरे में कैद कर लेने की ख्वाहिश रही होगी. फ़ोटोग्राफ़रों के लिए भी यह एक रोचक विषय रहा होगा.
'दी हिडेन मदर', मैक (MACK) और नुवेयु मुसी नैशनल डी मोनाको
इमेज कैप्शन, फोटोग्राफी के शुरुआती दिनों में सबसे बड़ी चुनौती थी कि बच्चों को कैमरे के लेंस की सामने किस तरह से स्थिर रखा जाए.
'दी हिडेन मदर', मैक (MACK) और नुवेयु मुसी नैशनल डी मोनाको
इमेज कैप्शन, इस मुश्किल का ये समाधान निकाला गया कि उस फ्रेम में माँ को भी जगह दी जाए. कई बार तो बस माँ को कपड़े से ढँक कर बच्चे को उनकी गोद में बिठा दिया गया. ऐसा इसलिए भी किया जाता था ताकि तस्वीर में केवल बच्चा ही ठीक से दिखे.
'दी हिडेन मदर', मैक (MACK) और नुवेयु मुसी नैशनल डी मोनाको
इमेज कैप्शन, लेखिका लिंडा फ्रेगनी नैगलर ने अपनी नई किताब 'दी हिडेन मदर' में इसी तरह की एक हज़ार से भी ज्यादा तस्वीरें प्रकाशित की हैं. ये तस्वीरें इसी चलन को दिखलाती हैं.
'दी हिडेन मदर', मैक (MACK) और नुवेयु मुसी नैशनल डी मोनाको
इमेज कैप्शन, कुछ तस्वीरें तो बेहद दिलचस्प हैं, जैसे कि इस तस्वीर में एक माँ ने पर्दे की ओट से अपने बच्चे के सिर पर हाथ रखा हुआ है ताकि वो बच्चा कुर्सी से गिर ना जाए.
'दी हिडेन मदर', मैक (MACK) और नुवेयु मुसी नैशनल डी मोनाको
इमेज कैप्शन, कुछ तस्वीरों से तो ये साफ झलकता है कि माँ अपने बच्चे को कैमरे की लेंस के सामने ठीक से पेश करने के लिए पूरी कोशिश कर रही हैं.
'दी हिडेन मदर', मैक (MACK) और नुवेयु मुसी नैशनल डी मोनाको
इमेज कैप्शन, लिंडा फ्रेगनी की 'दी हिडेन मदर' का प्रकाशन एमएसीके और नुवेयु मुसी नैशनल डी मोनाको ने किया है.