खानदान, विरासत और सियासत

राज्यों के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों ने अपने नेताओं के बेटे-बेटियों और पत्नी को टिकट दिया है. एक नज़र डालते हैं ऐसे ही कुछ चेहरों पर.

वसुंधरा राजे सिंधिया
इमेज कैप्शन, सिंधिया राजघराने से आने वाली वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. इस विधानसभा चुनाव में भी राजस्थान भाजपा की बागडोर उन्हीं के हाथों में हैं. वो केंद्र में मंत्री भी रह चुकी हैं. वसुंधरा राजे की माँ राजमाता विजया राजे सिंधिया 1962 में पहली बार लोकसभा के लिए चुनी गई थीं. विजया राजे भाजपा के शीर्ष नेताओं में शुमार की जाती थीं.
रेणु जोगी
इमेज कैप्शन, पेशे से चिकित्सक और छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी को कांग्रेस ने कोटा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है. इसी विधानसभा सीट पर साल 2006 में हुए उपचुनाव में रेणु जोगी ने पहली बार चुनाव लड़कर राजनीति में क़दम रखा था.
अमित ऐश्वर्य जोगी
इमेज कैप्शन, अजीत जोगी और रेणु जोगी के बेटे अमित ऐश्वर्य जोगी हालांकि अपने पिता के साथ बहुत पहले से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं. लेकिन वो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. उनका अब तक का जीवन विवादों से भरा रहा है. कांग्रेस ने उन्हें अजीत जोगी की परंपरागत सीट मरवाही से उम्मीदवार बनाया है.
यशोधरा राजे सिंधिया
इमेज कैप्शन, वसुंधरा राजे की छोटी बहन और विजया राजे सिंधिया की दूसरी बेटी यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी से चुनाव मैदान में हैं. यशोधरा ग्वालियर से सांसद भी हैं.
अजय सिंह
इमेज कैप्शन, कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेता हैं. वो दिग्विजय सिंह की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. निवर्तमान विधानसभा में वे नेता प्रतिपक्ष थे. कांग्रेस ने उन्हें चुरहट विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है.
दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह
इमेज कैप्शन, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह अपने पिता की परंपरागत राघौगढ़ सीट से कांग्रेस के टिकट पर किस्मत आजमा रहे हैं. अमरीका से पढ़ाई करके आए जयवर्धन को दिग्विजय सिंह का उत्तराधिकारी माना जा रहा है.
ज्योतिरादित्य सिंधिया
इमेज कैप्शन, ज्योतिरादित्य न केवल सिंधिया राजघराने के सबसे युवा सदस्य हैं बल्कि विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी के खेवनहार भी. ज्योतिरादित्य के पिता माधव राव सिंधिया पूर्व केंद्रीय मंत्री थे.