विलुप्त होने की कगार पर हैं ये समुदाय

दुनिया भर में आदिम जनजातीय समुदाय अस्तित्व संकट के दौर से गुज़र रही हैं. ब्रिटिश फ़ोटोग्राफ़र जिम्मी नेल्सन ने दुनिया भर के ऐसे ही समुदायों की परंपराओं को सहेजने का काम किया है.

पश्चिमी मंगोलिया, का कजाख़ समुदाय, तस्वीर- जिम्मी नेल्सन पिक्चर्स
इमेज कैप्शन, दुनिया भर की चुनिंदा जनजातियों की परंपरागत मान्यताएं और जीवनशैली को संजोने का काम किया है ब्रिटिश फ़ोटोग्राफ़र जिम्मी नेल्सन ने. यह काम उन्होंने बिफ़ोर द पास अवे नाम से संकलित किया है. इनमें से एक समुदाय है पश्चिमी मंगोलिया में रहने वाले खानाबदोश कजाख़ लोगों का. जाड़े के मौसम में शिकार करते हुए एशियाई मैदानी इलाके में घोड़े पर सवार इस समुदाय के लोगों की तस्वीर किसी क्लासिक से कम नहीं.
पापुआ न्यू गिनी के जनजातीय समुदाय, तस्वीर- जिम्मी नेल्सन पिक्चर्स
इमेज कैप्शन, पापुआ न्यू गिनी दुनिया के सबसे पूर्वी हिस्से का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है. यह द्वीप अपने ज्वालामुखी की सक्रियता, भूकंप और समुद्री तूफ़ानों के लिए जाना जाता है. भाषाई लिहाज से तो यह दुनिया का सबसे विविधता वाला देश है क्योंकि यहां के स्थानीय लोग 700 भाषाओं में बात करते हैं. यहां के कई समुदाय हुली, असारो और कलाम को नेल्सन ने तस्वीरों में कैद किया है. ये समुदाय पर्वतीय इलाकों में रहते हैं और बाहर की दुनिया से इनका संपर्क नहीं के बराबर है.
साइबेरिया के चुकचि समुदाय के लोग, तस्वीर- जिम्मी नेल्सन पिक्चर्स
इमेज कैप्शन, रूस का एकदम उत्तरी-पूर्वी हिस्सा दूर दराज में स्थित है. यह अर्काटिक सर्किल से सटा है. इस इलाके में 68 हज़ार नागरिक रहते हैं. ये लोग शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के नीचे जीवनयापन करने को मज़बूर होते हैं. इन समुदायों में चुकचि, चुवांटसी और साइबेरियाई यूपिक लोग शामिल होते हैं.
माओरी समुदाय के लोग टैटू गुदवाए हुए. तस्वीर- जिम्मी नेल्सन पिक्चर्स
इमेज कैप्शन, न्यूज़ीलैंड में दो सांस्कृतिक समूहों की प्रमुखता है. एक तो यूरोपिय वंशज़ हैं जबकि दूसरे अल्पसंख्यक माओरी हैं जिनके पॉलेनेशियन पूर्वज हैं, जो एक हज़ार साल पहले यहां आए थे. यहां आने वाले यूरोपीय स्थानीय लोगों को चेहरे और शरीर को देखकर अचरज में भर जाते थे. स्थानीय लोगों के चेहरे पर ऐसे ही निशान होते थे जिससे चेहरे पर मास्क जैसा प्रभाव नजर आने लगता था.
मस्टांग के लोपा जनजाति के लोग, तस्वीर- जिम्मी नेल्सन पिक्चर्स
इमेज कैप्शन, यह हिमालय का पुराना साम्राज्य है, जिसे अपर मस्टांग के नाम से जाना जाता है. इस साम्राज्य को ही प्राय नेपाल के दूर दराज वाले इलाके शांग्री-ला के नाम से जाना जाता है, जो बाहरी दुनिया से कटा है. इस इलाके में परंपरागत तिब्बती संस्कृति मौजूद है. 1992 तक यह पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद थाय
अर्जेंटीना के गोचो समुदाय, तस्वीर- जिम्मी नेल्सन पिक्चर्स
इमेज कैप्शन, यह तस्वीर अर्जेंटीना के गोचो समुदाय के लोगों की है. ये लोग पंपास के मैदानों में अपने जानवरों को चराते दिख रहे हैं. ख़ास बात यह है कि इनकी निष्ठा किसी के प्रति नहीं होती.
मुर्सी समुदाय, तस्वीर- जिम्मी नेल्सन पिक्चर्स
इमेज कैप्शन, अफ़्रीका के खानाबदोश समुदाय के लोग बाहरी दुनिया के बढ़ते दखल से ख़तरा महसूस करते हैं. उन्हें इस बात की चिंता है कि उनकी परंपराएं इससे खत्म हो सकती हैं. इथोपिया के दक्षिणी ओमो ज़ोन का मुर्सी समूह ऐसा ही एक समुदाय है.
राबारी महिला, तस्वीर- जिम्मी नेल्सन पिक्चर्स
इमेज कैप्शन, भारत के जनजातीय समुदायों में सबसे एकांतप्रिय और परंपरागत मूल्यों वाला समुदाय है राबारी. इस समुदाय के लोग आश्चर्यजनक कढाई के लिए जान जाते हैं. इस समुदाय की महिलाओं को भी अपने साल भर की कमाई दहेज में खर्च करनी पड़ जाती है.
नी-वानुतू, तस्वीर- जिम्मी नेल्सन पिक्चर्स
इमेज कैप्शन, वानुतू 80 द्वीप समूह का इलाका है जिसे न्यू हेबराइड्स के नाम से जाना जाता है. इसे फ़्रांस और ब्रिटेन से 1980 में स्वंतत्रता मिली. ज़्यादातर द्वीप पर आबादी मौजूद है, कईयों पर सक्रिय ज्वालामुखी स्थित है. यहां के स्थानीय नी-वानुतू की संस्कृति में जमीन का अहम योगदान है.
नेनेट बारहसिंगा चरवाहा, तस्वीर- जिम्मी नेल्सन पिक्चर्स
इमेज कैप्शन, रुस के आर्केटिक क्षेत्र में स्थित यामल प्रायद्वीप में कम से कम एक हज़ार साल से नेनेट बारहसिंगा के चरवाहों का समुदाय रहता है. 21वीं सदी इस समुदाय के लिए बड़ी दूर की चीज़ है, हालांकि कई लोग के पास मोबाइल फ़ोन, स्नो मोबाइल और जेनरेटर मौजूद है. यहां के लोग विकास नहीं चाहते क्योंकि इससे उनकी ज़मीन छिनने का ख़तरा उत्पन्न हो जाएगा. सभी तस्वीरों की कापीराइट जिम्मी नेल्सन पिक्चर की है.