तूफ़ान की आशंका के बीच सिमटती ज़िंदगी

भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए ओडिशा और आंध्रप्रदेश के तटीय क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है. तस्वीरों में देखिए प्रभावित क्षेत्रों का हाल.

पायलिन
इमेज कैप्शन, शनिवार को आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम में समंदर के किनारे ऊंची लहरें को देखती हुईं कुछ लड़कियां. आंध्रप्रदेश के तटीय इलाक़ों में बसे गांवों के लोगों में पायलिन तूफ़ान के आने की आशंका से घबराहट है.
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इमेज कैप्शन, ओडिशा के पूर्वी शहर भुवनेश्वर से क़रीब 190 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद गोपालपुर के समुद्री किनारे पर पुलिसकर्मी मौजूद हैं और वे वहां से लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज रहे हैं. इस जगह के सबसे ज़्यादा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.
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इमेज कैप्शन, आंध्रप्रदेश और ओडीशा के 23 ज़िलों में समुद्री तूफ़ान पायलिन के ख़तरे को देखते हुए शुक्रवार से ही लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है.
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इमेज कैप्शन, ओडिशा के गंजम ज़िले के पोडमपाटा गांव में शुक्रवार को मछुआरे बंगाल की खाड़ी के पानी से अपनी नांव निकालते हुए. तटीय इलाक़ों से हज़ारों लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं.
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इमेज कैप्शन, मौसम विभाग के अनुसार इस तूफ़ान से दक्षिणी ओडिशा के सबसे ज़्यादा प्रभावित होने की संभावना है. ओडिशा के गंजम ज़िले में समंदर की ऊंची लहरों को देखते हुए लोग.
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इमेज कैप्शन, भुवनेश्वर से 215 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद गंजम ज़िले के गोखुरकुदा में बंगाल की खाड़ी की तेज़ लहरों के बीच अपनी नाव निकालते मछुआरे.
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इमेज कैप्शन, मौसम विभाग का कहना है कि इस तूफ़ान से कच्चे मकान, पुरानी इमारतों, रेलमार्ग, सड़कें, बिजली के खंभे और फ़सलों को भारी क्षति पहुँच सकती है.
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इमेज कैप्शन, ओडिशा और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहे तूफ़ान पायलिन की शुरुआत अक्तूबर महीने के शुरू में अंडमान सागर के ऊपर कम दवाब वाले इलाक़े से हुई.
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इमेज कैप्शन, ख़तरनाक पायलिन तूफ़ान शाम तक गोपालपुर (ओडिशा) के नज़दीक पहुंच सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक़ इस तूफ़ान की अधिकतम रफ़्तार 210-220 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है.
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इमेज कैप्शन, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के ज़्यादातर तटीय इलाक़े में अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश हो सकती है. मुताबिक़ इस तूफ़ान की लहरों की उंचाई करीब 3 से 3.5 मीटर तक होगी और इससे ओडिशा के निचले ज़िले मसलन गंजम, खुर्दा, पुरी और जगतसिंहपुर जलमग्न हो जाएंगे