देखा है कभी चमगादड़ के भ्रूण

क़ुदरत की हर कारीगरी नंगी आँखों से देख पाना हमेशा मुमकिन नहीं होता, लेकिन विज्ञान रास्ते तलाशता रहता है. ऐसी ही कुछ हैरतअंगेज़ तस्वीरें देखिए.

दि डस्टी स्पेकटेकल ऑफ ओरियन, 2013, रॉबर्ट हर्ट, अमरीका
इमेज कैप्शन, अमरीका में इन दिनों विज्ञान जगत से जुड़ी सौ तस्वीरों को प्रदर्शित किया जा रहा है. विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों को दर्शाती ये तस्वीरें बेहतरीन फ़ोटोग्राफी का नमूना हैं.
'वाटर बीयर' या 'टार्डीग्रेड', 2010, जर्मनी के 'आई ऑफ साइंस' की निकोल ओटावा
इमेज कैप्शन, क़ुदरत की कारीगरी के कई पहलू सामान्य तौर पर नंगी आँखों से नहीं देखे जा सकते. जर्मनी के 'आई ऑफ साइंस' की निकोल ओटावा की 'वाटर बीयर' या 'टार्डीग्रेड' भी क़ुदरत की ऐसी ही रचनाओं में एक है.
ह्यूमन लिम्कोसाइट, 2011, डेविड स्कार्फ़, लॉस एंजिलिस
इमेज कैप्शन, ब्रिटिश साइंस फ़ेस्टिवल के हिस्से के बतौर इन तस्वीरों को न्यू कैसल में प्रदर्शनी के लिए रखा गया है. जल्दी ही इन्हें पूरे ब्रिटेन, यूरोप और चीन में प्रदर्शित किया जाएगा.
ब्यूवैरिया बसियाना, निकोल ओटावा
इमेज कैप्शन, चित्रों को तैयार करने में कई तकनीकों का इस्तेमाल हुआ. सीटी और एमआरआई स्कैन से लेकर ऑप्टिकल रिफ्रैक्शन मापने वाली तकनीकों के ज़रिए ये फोटोग्राफ बनाए गए. इलेक्ट्रॉन माइकोग्राफ़ तकनीक से बनी इस तस्वीर में डि़जिटल रंग भरे गए हैं.
चमगादड़ों के भ्रूण के विकास की प्रक्रिया, 2006, डॉरिट हॉकमैन, युनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज
इमेज कैप्शन, यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैम्ब्रिज़ के डॉरिट हॉकमैन ने ये तस्वीर चमगादड़ के भ्रूण से तैयार की. वे कहते हैं कि वे भ्रूण के विकास की प्रक्रिया समझने की कोशिश कर रहे हैं. इस तस्वीर के ज़रिए वे चमगादड़ों में अंगों के विकास के चरणों के बारे में बता सकते हैं. हॉस्टन की एक प्रयोगशाला में ये भ्रूण 20 साल से रखे हैं.
मलेरिया से प्रभावित मानव लाल रक्त कोशिकाएँ, 2008, स्टीवन मॉर्टन, मोनाश युनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया
इमेज कैप्शन, यह दूसरा मौका है जब विज्ञान जगत से जुड़ी इस तरह की तस्वीरों की प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है. इसकी शुरुआत साल 2011 में हुई थी.
फूलता हुआ गुब्बारा, 2011, टेड किंसमैन, रोचेस्टर, न्यूयॉर्क, अमरीका
इमेज कैप्शन, तस्वीरों की यह अंतरराष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी हैंकॉक के ग्रेट नॉर्थ म्यूज़ियम में 29 सितंबर तक चलेगी. इसके बाद ब्रिटेन के न्यू कैसल में इस प्रदर्शनी का आयोजन एक अक्टूबर से किया जाएगा.