‏शहर है या सपना...!

हर सवेरे तुर्की का इस्तांबुल शहर कुछ इस तरह से जागता है जैसे जिंदगी से उसका रिश्ता रूमानी सा हो. और बॉसफोरस स्ट्रेट, वह तो इस्तांबुल की जीवन रेखा है.

तुर्की, इस्तांबुल शहर
इमेज कैप्शन, हर सवेरे इस्तांबुल शहर कुछ इस तरह से जगता है जैसे जिंदगी से उसका रिश्ता रूमानी सा हो. दर्जनों सैलानी, कुत्तों के साथ टहलते लोग और गलाता ब्रिज के किनारों पर रोजमर्रा की तरह मछली पकड़ने की तैयारी करते मछुआरे. तस्वीर में इस्तांबुल की नीली मस्जिद.
तुर्की, इस्तांबुल शहर
इमेज कैप्शन, यह जलडमरूमध्य न केवल तुर्की के सबसे बड़े शहर की सरहदें तय करता है बल्कि इस शहर के बाशिंदों की जिंदगी के तौर तरीके भी तय करता है. ये पुल न हो तो जिंदगी सी ठहर सी जाए.
तुर्की, इस्तांबुल शहर
इमेज कैप्शन, बॉसफोरस स्ट्रेट या जलडमरूमध्य तुर्की को यूरोप और एशिया के दरम्यां अलग करता है. यह दुनिया के सबसे व्यस्ततम जलमार्गों में भी शुमार किया जाता है. इस रास्ते से होकर तकरीबन 50 हजार पानी के जहाज मरमरा के समंदर और काला सागर के बीच सफर करते हैं.
तुर्की, इस्तांबुल शहर
इमेज कैप्शन, इसकी अहमियत का अंदाजा इस बात से होकर लगाया जा सकता है कि बुल्गारिया, रोमानिया, यूक्रेन, जॉर्जिया, रूसी पनडुब्बियाँ और तुर्की की नौसेना के बेड़े, इतना ही नहीं तकरीबन तेल और गैस के 5500 जहाज इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरते हैं.
तुर्की, इस्तांबुल शहर
इमेज कैप्शन, 32 किलोमीटर लंबे इस पानी के रास्ते से हज़ारों मुसाफिरों को ले जाने वाले जहाज, मछली पकड़ने वाली नावें और कुछ आरामदेह स्पीडबोट् भी सफर करते हैं. यह सिलसिला कमोबेश रात में भी जारी रहता है. यह सब इस जलडमरूमध्य को सम्मोहक बना देता है लेकिन इस रास्ते पर हो रही भागमभाग के अपने खतरे भी हैं. गर्मियों के मौसम में हर कोई खामोशी चाहता है.
तुर्की, इस्तांबुल शहर
इमेज कैप्शन, हालांकि तुर्की के प्रधानमंत्री रज्जब तय्यब एर्दोगान की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘कनाल इस्तांबुल’ इस इलाके की तस्वीर बदल सकती है. उनका इरादा 10 अरब डॉलर की लागत से 50 किलोमीटर लंबे एक कृत्रिम नहर को बनाने का है जो तुर्की के यूरोपीय हिस्से को दो भागों में बाँटेगा और ऐसा होने पर बॉसफोरस स्ट्रेट के पुराने गौरव के लौट जाने की बात कही जा रही है.
तुर्की, इस्तांबुल शहर
इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री एर्दोगान का इरादा न केवल इस रास्ते से होने वाले कारोबारी गतिविधियों को रोकने का है बल्कि वे इसे दुनिया के सबसे बेहतरीन बोटिंग प्लेग्राउंड में बदलना चाहते हैं. उनकी योजना इसे 2023 में मनाई जाने वाली तुर्की गणतंत्र की 100 वीं सालगिरह के पहले पूरा कर देने का भी है.