देखा है हिम तेंदुओं को...

ये दुर्लभ प्रजाति के हिम तेंदुएं हैं. इनकी आबादी ज्यादातर मध्य एशिया और हिमालय क्षेत्रों में पाई जाती है. तस्वीरों में देखिए हिम तेंदुओं की भाव-भंगिमाएँ.

हिम तेंदुए
इमेज कैप्शन, लेस्टरशायर के टाइक्रॉस चिड़ियाघर ने दो हिम तेंदुओं के जन्म की घोषणा की है. तेंदुओं की यह प्रजाति अस्तित्व के संकट से जूझ रही है. हिम तेंदुओं के इन शावकों का जन्म मई के महीने में ही हो गया था लेकिन इनके बारे में आधिकारिक तौर पर हाल ही घोषणा की गई है.
हिम तेंदुए
इमेज कैप्शन, टाइक्रॉस चिड़ियाघर में डॉक्टर चारलोट मैकडोनाल्ड ने मादा हिम तेंदुए के प्रसव का वीडियो शूट किया. डॉक्टर मैकडोनाल्ड कहते हैं कि हिम तेंदुए को जन्म देते हुए देखना एक दुर्लभ अनुभव है. इसके वीडियो फुटेज अद्भुत हैं.
हिम तेंदुए
इमेज कैप्शन, माना जाता है कि लुप्त हो रहे हिम तेंदुओं की प्रजाति के तकरीबन चार हजार जानवर दुनिया में बचे हैं.
हिम तेंदुए
इमेज कैप्शन, वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ़) और हिम तेंदुओं को बचाने की मुहिम के तहत गठित किए गए स्नो लियोपार्ड कंजर्वेंसी और स्नो लियोपार्ड ट्रस्ट के अनुमानों के मुताबिक इनकी संख्या 4,000 से 7,000 के करीब हैं.
हिम तेंदुए
इमेज कैप्शन, हिम तेंदुओं का शिकार ज्यादातर इनकी खाल और हड्डियों के लिए किया जाता है जिनका इस्तेमाल पारंपरिक किस्म की दवाईयाँ बनाने में किया जाता है.
हिम तेंदुए
इमेज कैप्शन, हिम तेंदुए मध्य एशिया और हिमालय के दुर्गम क्षेत्रों और ऊँची जगहों पर पाए जाते हैं. लेकिन इन जानवरों को अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकलना पड़ रहा है.
हिम तेंदुए
इमेज कैप्शन, इसकी वजहें हैं, विध्वंस और मनुष्यों के साथ बढ़ता उनका संघर्ष. उत्तरी अफगानिस्तान में बिछी बारूदी सुरंगों ने भी कुछ हिम तेंदुओं को अपना शिकार बनाया है.