समंदर पार भारत-पाक के लोगों की जिंदगी

वे सालों पहले ब्रिटेन जाकर बस गए थे और अब उनकी आबादी भी लाखों में हैं. तस्वीरों में देखिए ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोगों की जिंदगी.

ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, इंग्लैंड में भारतीय और पाकिस्तानी मूल के तकरीबन साढ़े सात लाख लोग रह रहे हैं. फोटोग्राफर काजल निशा पटेल उनकी जिंदगी को दस्तावेज में दर्ज करने की कोशिश कर रही हैं. तस्वीर में दिखाई दे रही तीनों महिलाएँ एक शादी के मौके पर दुल्हे का इंतजार कर रही हैं.
ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, काजल निशा पटेल का ज्यादातर काम लंदन और लिसेस्टर में रह रहे ब्रितानी भारतीयों की जिंदगी के इर्दगिर्द घूमती है. तस्वीर में देखा जा सकता है कि भारतीय मूल के कुछ लोग एक सालाना जलसे में शामिल होने के बाद घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं.
ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, काजल भारतीय मूल की ब्रितानी हैं. उनके पिता 1969 में भारत से अफ्रीका होते हुए ब्रिटेन आ बसे थे. वह कहती हैं, “मेरे माता-पिता खेती-बारी और मजदूरी के पेशे से आए थे और उन्हें अपने बचपन में गरीबी झेलनी पड़ी थी.”
ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, काजल कहती हैं, “जिन जगहों पर मैं रही हूँ, मेरा काम उन जगहों की सांस्कृतिक पहलुओं को अपने में समेटे हुए है. इनमें प्रवासन के असर और प्रभावों को महसूस किया जा सकता है.” तस्वीर में कुछ भारतीय महिलाएँ दिवाली की रात एक जुआघर के बाहर खड़ी हैं.
ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, लंदन के हैक्ने म्यूजियम में ब्रिटेन अप्रवासन के मुद्दे से जुड़ी पटेल की तस्वीरें एक प्रदर्शनी में दिखाई जा रही हैं. यह तस्वीर मनीषा टेलर की है. वे एक प्रशिक्षित फुटबॉल कोच और टीचर भी है. उनकी तमन्ना किसी बड़े फुटबॉल क्लब से जुड़ने की है.
ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, एक सुपरमार्केट में खरीददारी करते भारतीय. काजल कहती हैं, “भारतीय हमेशा मोल-तोल करते रहते हैं इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कितने प्रभावशाली हैं. मुझे यह बात बेहद दिलचस्प लगी.”
ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, होली हिंदू समुदाय में मनाया जाने वाला रंगो का त्योहार है. तस्वीर में देखा जा सकता है कि भारतीय मूल की बीजल मिस्त्री भी होली के रंगों से सरोबार हैं.
ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, क्रिकेट के खेल में पाकिस्तान पर भारत को मिली जीत का जश्न मनाते हुए नौजवानों का एक हुजूम. ब्रिटेन में रह रहे भारतीय मूल के लोगों की संख्या पाँच लाख 40 हजार से भी ज्यादा है.
ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, लेस्टर में साड़ी की एक दुकान पर दो महिलाएँ. लेस्टर ही वह जगह है जहाँ 1972 में पूर्वी अफ्रीका से भारतीय मूल के लोगों को निर्वासित होने के बाद आए थे. यहाँ उन्होंने अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू की थी.
ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, एक निजी पार्टी में एशियाई मूल के ब्रितानी मेहमान. काजल कहती हैं, “इस बात की परंपरा रही है कि आने वाले मेहमान खाना परोसने में हाथ बंटाते हैं और कार्यक्रम खत्म हो जाने के बाद शाम को साफ सफाई में मदद करते हैं.”
ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, फोटोग्राफर माज़ मशरू यूगांडा में पैदा हुए थे और 20 साल की उम्र में वे इंग्लैंड चले आए. काजल कहती हैं कि लेस्टर उन्हें सबसे कामयाब एशियाई फोटोग्राफर माना जाता है.
ब्रिटेन में रह रहे एशियाई मूल के लोग
इमेज कैप्शन, कत्थक डांसर आकाश ओडेदरा प्रोग्राम पेश करने से पहले अपनी मृतक दादी माँ की तस्वीर के सामने प्रार्थना करते हुए. काजल कहती हैं कि एशियाई मूल के युवा ब्रितानी अपनी पहचान और परंपराओं को संजोए हुए हैं.
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इमेज कैप्शन, लेस्टर के एक सिनेमा हॉल में प्रोजेक्टर ऑपरेटर.