रमज़ान को शुरु हुए दो हफ़्ते हो गए हैं. तस्वीरों में देखिए कैसे मन रहा है दुनिया भर में रमज़ान.
इमेज कैप्शन, रमज़ान के इस महीने में लोग सूरज के अस्त होने पर अपना रोज़ा खोलते है. सूडान में सूफ़ी क़ादरिया सिलसिले से संबंध रखने वाले मुसलमान इफ़्तार के लिए व्यंजन तैयार करते हुए. रमज़ान मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र महीना माना जाता है.
इमेज कैप्शन, रोज़े के दौरान कोई भी व्यक्ति पानी, खाना, शराब, धूम्रपान और संभोग से अपने आप को दूर रखता है.
इमेज कैप्शन, सूरत ढ़लते ही जब इफ़्तार का वक़्त होता है तो सभी रोज़ेदार एक जगह जमा होकर रोज़ा खोलते हैं.
इमेज कैप्शन, रोज़े में सहरी का भी बहुत महत्व है. मसलन सुबह सुबह अपनी नींद को त्याग कर सहरी करना और नमाज़ पढ़ना हर रोज़ेदार के लिए फ़र्ज़ होता है.
इमेज कैप्शन, इस महीने में ज़कात और फ़ितरे के रुप में मुसलमान सबसे ज्यादा दान करते हैं.
इमेज कैप्शन, रियाद की अल रजही मस्जिद में कुरान पढ़ता एक व्यक्ति
इमेज कैप्शन, रमज़ान के पवित्र महीने के ख़त्म होने के बाद आता है ईद का त्यौहार. मुसलमानों का मानना है कि इसी महीने में उन्हें 'आसमानी किताब' क़ुरान भेजा गया था.
इमेज कैप्शन, मुसलमानों के लिए तीस दिन के रोज़े के अलावा रोज पांच वक़्त की नमाज़ पढ़नी ज़रुरी होती है.
इमेज कैप्शन, इंडोनेशिया की रहने वाली सात साल की इस बच्ची का नाम मेसिया पुत्री सेरेगर है. मेसिया चार साल की उम्र से रोज़ा रखती आ रही है. वे जकार्ता में स्थित अत तौबा मस्जिद में क़ुरान के लिए सबक़ लेती है.
इमेज कैप्शन, इसी महीने में जगने वाली रात होती है जिसे शबे-क़दर कहा जाता है. मुसलमानों के विश्वास के अनुसार उसे हज़ारों रातों से बेहतर माना जाता है.