बेजान जानवरों का घर

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसे सिंगरौली में बने इस चिड़ियाघर में रखे गए इन नकली जानवरों को देखने बड़ी तादाद में लोग आते हैं. फोटोग्रॉफर तन्वी मिश्रा ने खींची है ये तस्वीरें.

बेजान चिड़ियाघर
इमेज कैप्शन, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसे सिंगरौली में बने इस चिड़ियाघर में रखे गए इन नकली जानवरों को देखने बड़ी तादाद में लोग आते हैं. फोटोग्रॉफर तन्वी मिश्रा इस असामान्य चिड़ियाघर की तस्वीरें लीं.
बेजान चिड़ियाघर
इमेज कैप्शन, सिंगरौली ऊर्जा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं. भारत के कुल ऊर्जा उत्पादन का 12 प्रतिशत यहाँ के कोयला संचालित प्लांट करते हैं. लेकिन सिंगरौली ने पर्यावरण की कीमत पर विकास किया है. यहाँ की हवा में प्रदूषण है और पहाड़ बंजर हो गए हैं.
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इमेज कैप्शन, चिड़ियाघर के बनावटी होने का जबाव भी प्रदूषण में ही है. कोयला खनन के लिए सैकड़ों साल पुराने जंगलों को काट दिया गया है. इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि जानवरों का भी पलायन हुआ है.
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इमेज कैप्शन, स्थानीय लोगों के मुताबिक एक वक्त यहाँ के जंगलों में शेर घूमते थे. अब शेरों के वास स्थल गायब हो गए हैं और इनके दर्शन कभी कभार ही होते हैं.
बेजान चिड़ियाघर
इमेज कैप्शन, सरकारी ऊर्जा कंपनी नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन ने इस असामान्य चिड़ियाघर को स्थापित किया है. इस इलाके में कई पावर प्लांट स्थित हैं.
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इमेज कैप्शन, यहाँ एक कृत्रिम पूल भी है जिसमें प्लास्टिक की डॉल्फिनें पानी के बाहर छलांग लगाती हैं.
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इमेज कैप्शन, यहाँ प्रदर्शित जानवर प्लास्टिक और कंकरीट से बने हैं और उनके चारों तरफ पिंजड़े भी बनाए गए हैं.
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इमेज कैप्शन, टॉयरेनासॉरस रेक्स का मॉडल भी इस चिड़ियाघर में दहाड़ मार रहा है. यह चिड़ियाघर मनुष्य और जानवरों के बीच के मौजूदा रिश्ते को भी दर्शाता है.