दहकते सूरज के कितने अनदेखे रंग!

सूरज हालांकि बिना आकार के, आसमान में चमकने वाले गेंद की तरह दिखता है लेकिन दरअसल यह एक ख़ूबसूरत और सक्रिय तारा है.

सूरज
इमेज कैप्शन, सूरज हालांकि बिना आकार के, आसमान में चमकने वाले गेंद की तरह दिखता है लेकिन दरअसल यह एक ख़ूबसूरत और सक्रिय तारा है. अगर सूरज की रोशनी को अलग-अलग आयामों से देखें तो हमें इसकी कई सतहें और प्रक्रियाएं नज़र आती हैं.
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इमेज कैप्शन, 'फ़ोटोस्फ़ीयर' इसकी वो सतह है जो हमें आमतौर पर नज़र आती है. 'फ़ोटोस्फ़ीयर' का तापमान 6,000 सेल्सियस होता है. इसमें जो काले धब्बे दिखते हैं वे चुंबकीय गतिविधियों की वजह से होते हैं. इन्हें 'सन स्पॉट' कहा जाता है. इन स्पॉट में दूसरी जगहों के मुक़ाबले तापमान 1500 सेल्सियस कम होता है. इनमें जो बड़े धब्बे होते हैं वे धरती की तुलना में छह गुना बड़े होते हैं.
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इमेज कैप्शन, सूरज की दिखने वाली सतह के ऊपर का हिस्सा 'क्रोमोस्फ़ीयर' कहलाता है, जिसका तापमान 6,000 से 20,000 सेल्सियस के बीच होता है. हाइड्रोजन की तरंगों की वजह से ये लाल रंग का दिखता है, जो गहरे रंग के रिबन के आकार की तरह लगता है. ये क्रोमोस्फ़ीयर पर मौजूद ठंडी गैस हैं.
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इमेज कैप्शन, सूरज की ऊपरी सतह और क्रोमोस्फ़ीयर के बीच एक पतली परत होती है जिसे 'ट्रांज़िशन रीजन' कहते हैं. यहाँ तापमान 20,000 से लेकर 10 लाख सेल्सियस के बीच हो सकता है.
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इमेज कैप्शन, सूरज के बाहरी हिस्से को 'कोरोना' कहते हैं. तस्वीर में ट्रांज़िशन रीजन और कोरोना का सबसे गर्म हिस्सा नज़र आ रहा है. इसमें नज़र आने वाले अलग-अलग रंगों की जगहों पर तापमान अलग-अलग है.
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इमेज कैप्शन, शक्तिशाली चुंबकीय गतिविधियों की वजह से एक प्रक्रिया होती है जिसे 'कोरोनल मास इजेक्शन' कहते हैं. इन 'कोरोनल मास इजेक्शन' की रफ़्तार 900 मील प्रति सेकंड तक हो सकती है.'
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इमेज कैप्शन, जब सौर पदार्थ धरती के चुंबकीय क्षेत्र से टकराता है तो इसकी वजह से एक अदभुत दृष्य देखने को मिलता है जिसे 'ऑरोरा' कहते हैं. ये तस्वीर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से ली गई है.