कश्मीर का एक रंग ये भी...

बाल्टिस्तान इलाके में पहले जाने की इजाज़त नहीं थी. लेकिन अब इसके कुछ हिस्सों में जाना संभव है. देखिए वहां जिंदगी के अंदाज़.

बाल्टिस्तान इलाक़ा भारत-प्रशासित कश्मीर की उत्तरी सीमा पर स्थित है. ये इलाका ज्यादातर पाकिस्तान में पड़ता है जो गिलगित-बाल्टिस्तान स्वायत्त क्षेत्र का हिस्सा है. कैमरामैन ऑर्को दत्तो ने बाल्टिस्तान के भारतीय हिस्से में आम लोगों की ज़िंदगी को अपने कैमरे में क़ैद किया.
इमेज कैप्शन, बाल्टिस्तान इलाक़ा भारत-प्रशासित कश्मीर की उत्तरी सीमा पर स्थित है. ये इलाका ज्यादातर पाकिस्तान में पड़ता है जो गिलगित-बाल्टिस्तान स्वायत्त क्षेत्र का हिस्सा है. कैमरामैन ऑर्को दत्तो ने बाल्टिस्तान के भारतीय हिस्से में आम लोगों की ज़िंदगी को अपने कैमरे में क़ैद किया.
इस भारत प्रशासित हिस्से में जाना पहले लगभग असंभव था. लेकिन 2010 में सरकार ने कुछ गांवों में बाहरी लोगों को जाने की इजाज़त दी. इस इलाके में सिर्फ लद्दाख की नुब्रा घाटी के ज़रिए ही पहुंचा जा सकता है. पहाड़ियों में से दूसरा रास्ता भी तैयार किया जा रहा है.
इमेज कैप्शन, इस भारत प्रशासित हिस्से में जाना पहले लगभग असंभव था. लेकिन 2010 में सरकार ने कुछ गांवों में बाहरी लोगों को जाने की इजाज़त दी. इस इलाके में सिर्फ लद्दाख की नुब्रा घाटी के ज़रिए ही पहुंचा जा सकता है. पहाड़ियों में से दूसरा रास्ता भी तैयार किया जा रहा है.
तुर्तुक गांव में अपने घर से निहारती आंखें. ये उन चंद गांवों में से है जहां पर्यटकों का आना जाना मुमकिन है.
इमेज कैप्शन, तुर्तुक गांव में अपने घर से निहारती आंखें. ये उन चंद गांवों में से है जहां पर्यटकों का आना जाना मुमकिन है.
बाल्टिस्टान के भारत प्रशासित हिस्से में सात गांव हैं जिनकी आबादी लगभग पांच हज़ार है.
इमेज कैप्शन, बाल्टिस्टान के भारत प्रशासित हिस्से में सात गांव हैं जिनकी आबादी लगभग पांच हज़ार है.
बाल्टिस्तान मुस्लिम बहुल इलाक़ा.ऑर्को दत्तो कहते हैं कि कश्मीर और लद्दाख की तरह यहां के लोग भी बहुत मेहमाननवाज़ हैं. कई लोग आपको अपने घर में बुलाएंगे और नमकीन चाय पिलाए बिना नहीं आने देंगे.
इमेज कैप्शन, बाल्टिस्तान मुस्लिम बहुल इलाक़ा.ऑर्को दत्तो कहते हैं कि कश्मीर और लद्दाख की तरह यहां के लोग भी बहुत मेहमाननवाज़ हैं. कई लोग आपको अपने घर में बुलाएंगे और नमकीन चाय पिलाए बिना नहीं आने देंगे.
कुछ लोगों ने तुर्तुक गांव को पर्यटकों के लिए खोलने का विरोध भी हुआ है. उनका का मानना है कि इससे गांव को केवल नुकसान होगा. इस तस्वीर में कुछ बाल्टी लोगों को नमाज़ के बाद मस्जिद से बाहर आते देखा जा सकता है.
इमेज कैप्शन, कुछ लोगों ने तुर्तुक गांव को पर्यटकों के लिए खोलने का विरोध भी हुआ है. उनका का मानना है कि इससे गांव को केवल नुकसान होगा. इस तस्वीर में कुछ बाल्टी लोगों को नमाज़ के बाद मस्जिद से बाहर आते देखा जा सकता है.
समुदाय के प्रति सहयोग का भाव यहां काफ़ी मज़बूत है. यहां एक व्यक्ति भूस्खलन में बर्बाद अपने घर के सामने खड़ा है. उसका कहना है कि घर बनाने में पूरा गांव उसकी मदद करेगा.
इमेज कैप्शन, समुदाय के प्रति सहयोग का भाव यहां काफ़ी मज़बूत है. यहां एक व्यक्ति भूस्खलन में बर्बाद अपने घर के सामने खड़ा है. उसका कहना है कि घर बनाने में पूरा गांव उसकी मदद करेगा.
इन में गांवों में जनसंख्या बहुत कम है. इस तस्वीर में बच्चों को स्कूल से वापस घर जाते हुए दिखाया गया है.
इमेज कैप्शन, इन में गांवों में जनसंख्या बहुत कम है. इस तस्वीर में बच्चों को स्कूल से वापस घर जाते हुए दिखाया गया है.
ये महिला गांव के सबसे बुर्ज़ुर्ग लोगों में से एक हैं. इनका जन्म तो पाकिस्तान में हुआ लेकिन बाद में वो भारतीय हिस्से में बस गईं.
इमेज कैप्शन, ये महिला गांव के सबसे बुर्ज़ुर्ग लोगों में से एक हैं. इनका जन्म तो पाकिस्तान में हुआ लेकिन बाद में वो भारतीय हिस्से में बस गईं.
बिहार और पश्चिम बंगाल से आए मजदूरों की मदद से यहां सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम किया जा रहा है.
इमेज कैप्शन, बिहार और पश्चिम बंगाल से आए मजदूरों की मदद से यहां सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम किया जा रहा है.
खुबानी की खेती यहां आय का मुख्य स्रोत है. ये खिलखिलाती लड़कियां खुबानी के बाग में मौजूद हैं.
इमेज कैप्शन, खुबानी की खेती यहां आय का मुख्य स्रोत है. ये खिलखिलाती लड़कियां खुबानी के बाग में मौजूद हैं.