अपनों के इंतज़ार में लोग

देहरादून के पास जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर वायु सेना के विमान ने आपदा में बचे लोगों को छोड़ दिया है. यहां लोग अपने परिजनों का इंतज़ार कर रहे हैं.

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इमेज कैप्शन, संतोष अग्रवाल ने अपनी माँ के लाख जिद करने पर उन्हें एक बस में केदारनाथ की यात्रा पर रवाना किया था. उन्हें अभी भी उम्मीद है कि वो सही सलामत होंगी. (सभी तस्वीरें: बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव)
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इमेज कैप्शन, देहरादून के पास जॉली ग्रांट हवाई अड्डे हवाई अड्डे से एम्बुलेंस के बाहर निकलते ही उसे घेर लिया जाता है और लोग उसमे झाँक झाँक कर देखने की कोशिश करते हैं कि कहीं उनके परिजन तो नहीं हैं.
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इमेज कैप्शन, दर्जनों खाने पीने के स्टॉलों में यहाँ हफ्ते भर से पहुंचे हुए लोगों को मुफ्त खाना खिलाया जा रहा है और उनके रहने का प्रबंध भी कराया जा रहा है.
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इमेज कैप्शन, हेलिकॉप्टर बेस का दरवाज़ा खुलते ही चिंतिंत परिजन उसे घेर लेते हैं और अपनों की सुध लेने की कोशिश में लग जाते हैं.
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इमेज कैप्शन, मनीष कुमार के सात रिश्तेदार केदारनाथ से उतर कर गौरीकुंड पहुंचे थे और उसके बाद से उनका कोई अता पता नहीं.
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इमेज कैप्शन, इन्हें उम्मीद है कि इनके बिछड़े हुए साथी जरूर मिलेंगे
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इमेज कैप्शन, रोहित एक हफ्ते से अपने माँ बाप से नहीं मिल सका है. आखिरी बार उसने उन्हें केदारनाथ स्थित एक धर्मशाला में देखा था. बाद में बिछड़ने के बाद अब उसे उनका इंतज़ार है
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इमेज कैप्शन, जितने भी लोग यहाँ आ रहे हैं वे आठ-दस तस्वीरों के साथ आते हैं और उन्हें जगह जगह चिपका भी देते हैं
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इमेज कैप्शन, अपनों की खोज में लगे सैंकड़ों परिजनों की हिफाज़त के लिए उत्तराखंड पुलिस ने व्यापक प्रबंध कर रखे हैं
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इमेज कैप्शन, जौली ग्रांट हवाई अड्डे के बाहर लोग अपने परिजनों की बड़ी बड़ी तस्वीर लिए दिन भर खड़े रहते इस उम्मीद में कि कोई अच्छी खबर मिल सके
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इमेज कैप्शन, कई जगह लोगों के खाने-पीने का नि:शुल्क प्रबंध किया गया है.
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इमेज कैप्शन, इस कार के अंदर जो व्यक्ति हैं वो राजस्थान से हैं और उनकी पत्नी और भांजी का कोई अता पता नहीं है . केदारनाथ के आपस के एक पहाड़ी पर चढ़ कर अपनी जान बचाने वाले ये व्यक्ति दूसरो को उनके रिश्तेदारों के बारे में भी बता रहे हैं.