फ़लक पर कुछ यूं दिखा पूरा चांद
जब चंद्रमा धरती से सबसे निकटतम बिंदु पर पहुंचता है तो उसकी रोशनी देखने लायक होती है. ऐसा कुछ सालों के अंतराल पर होता है. इसे आमतौर पर लोग सुपरमून भी कहते हैं जो इस विशेष पूर्णिमा का ही पर्याय है.










जब चंद्रमा धरती से सबसे निकटतम बिंदु पर पहुंचता है तो उसकी रोशनी देखने लायक होती है. ऐसा कुछ सालों के अंतराल पर होता है. इसे आमतौर पर लोग सुपरमून भी कहते हैं जो इस विशेष पूर्णिमा का ही पर्याय है.









