लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम के प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन की मौत की आज तीसरी बरसी है.
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लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम के प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन की मौत की आज तीसरी बरसी है. प्रभाकरन श्री लंका में पृथक तमिल राष्ट्र के लिए लड़ रहे थे. उनके नेतृत्व में एक ऐसा एलटीटीई संगठन एक ऐसा संगठन बन गया जिसको खत्म करने में श्री लंका को बरसों लग गए.
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एलटीटीई के एक लड़ाके की पुरानी तस्वीर. शुरुवात में अच्छे संबंधों के बाद इस संगठन के भारत से बहुत ही बुरे संबंध हो गए. इस संतान के के लोगों के ऊपर ही भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या का आरोप भी है.
इमेज कैप्शन, एलटीटीई का एक पूर्व लड़ाका कोलम्बो में एक समुद्र तट पर.
इमेज कैप्शन, श्रीलंका की राजधानी कोलम्बो में देश में गृह युद्ध समाप्ती के तीसरे साल के उत्सवों की पूर्व संध्या पर चौकस एक श्रीलंका सेना का सैनिक.
इमेज कैप्शन, श्रीलंका में गृह युद्ध की समाप्ति के जश्न की पूर्व संध्या पर अपने टैंकों को के साथ श्री लंका की सेना के सैनिक.
इमेज कैप्शन, श्रीलंका की सेना ने एलटीटीई पर विजय पाई थी जनरल सरथ फोंसेका के नेतृत्व में. लेकिन बाद में फोंसेका पर राष्ट्र विरोधी काम करने का आरोप लगा और उन्हें कारावास में डाल दिया गया. अब श्री लंका की सरकार उन्हें रिहा कर रही है.
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युद्ध में अपना एक पावँ गंवान चुका श्रीलंका की सेना का एक सैनिक. इस सालों चले गृह युद्ध की श्री लंका को बहुत ही बड़ी. आर्थिक और मानवीय कीमत चुकानी पड़ी है.
इमेज कैप्शन, श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे एलटीटीई पर अपने देश की सेना की विजय के बाद देश में सबसे कद्दावर राजनेता के रूप में उभरे हैं.