तेरह दिन का युद्ध और एक राष्ट्र का जन्म

1971 में पश्चिमी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना और मुक्ति बाहिनी सेना के बीच लड़ाई शुरू हुई. भारत ने मुक्ति बाहिनी का समर्थन किया और तेरह दिन चली लड़ाई के बाद पाकिस्तानी सेना ने हथियार डाल दिए. इस तरह बांग्लादेश का जन्म हुआ.

भारत-पाकिस्तान युद्ध-1971
इमेज कैप्शन, तीन दिसंबर 1971 को पाकिस्तान की ओर से भारतीय ठिकानों पर हमले के बाद भारतीय सैनिकों ने पूर्वी पाकिस्तान को मुक्त कराने का अभियान शुरू किया. (तस्वीर: गेटी)
भारत-पाकिस्तान युद्ध-1971
इमेज कैप्शन, भारतीय सेना के सामने ढाका को मुक्त कराने का लक्ष्य रखा ही नहीं गया. इसको लेकर भारतीय जनरलों में काफ़ी मतभेद भी थे. (तस्वीर: गेटी)
भारत-पाकिस्तान युद्ध-1971
इमेज कैप्शन, पीछे जाती हुई पाकिस्तानी सेना ने पुलों के तोड़ कर भारतीय सेना की अभियान रोकने की कोशिश की लेकिन 13 दिसंबर आते-आते भारतीय सैनिकों को ढाका की इमारतें नज़र आने लगी थीं. (तस्वीर: गेटी)
भारत-पाकिस्तान युद्ध-1971
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के पास ढाका की रक्षा के लिए अब भी 26400 सैनिक थे जबकि भारत के सिर्फ़ 3000 सैनिक ढाका की सीमा के बाहर थे. लेकिन पाकिस्तानियों का मनोबल गिरता चला जा रहा था.
भारत-पाकिस्तान युद्ध-1971
इमेज कैप्शन, 1971 की लड़ाई में सीमा सुरक्षा बल और मुक्ति बाहिनी ने पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
भारत-पाकिस्तान युद्ध-1971
इमेज कैप्शन, फिर भी यह एक तरफ़ा लडा़ई नहीं थी. हिली और जमालपुर सेक्टर में भारतीय सैनिकों को पाकिस्तान के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पडा. (तस्वीर: गेटी)
भारत-पाकिस्तान युद्ध-1971
इमेज कैप्शन, लड़ाई से पहले भारत के लिए पलायन करते पूर्वी पाकिस्तानी शरणार्थी. एक समय भारत में बांग्लादेश के क़रीब डेढ़ करोड़ शरणार्थी पहुँच गए थे. (तस्वीर: गेटी)
भारत-पाकिस्तान युद्ध-1971
इमेज कैप्शन, लाखों बंगालियों ने अपने घरों को छोड़ कर शरणार्थी के रूप में पड़ोसी भारत में शरण लेने का फ़ैसला किया. (तस्वीर: गेटी)
भारत-पाकिस्तान युद्ध-1971
इमेज कैप्शन, मुक्ति बाहिनी ने पाकिस्तानी सैनिकों पर कई जगह घात लगा कर हमला किया और पकड़ में आने पर उन्हें भारतीय सैनिकों के हवाले कर दिया. (तस्वीर: गेटी)
भारत-पाकिस्तान युद्ध-1971
इमेज कैप्शन, रज़ाकारों और पाकिस्तान समर्थित तत्वों को स्थानीय लोगों और मुक्ति बाहिनी का कोप भाजन बनना पड़ा. (तस्वीर: गेटी)
भारत-पाकिस्तान युद्ध-1971
इमेज कैप्शन, ढाका के पास तंगेल पर नियंत्रण करने की ज़िम्मेदारी मुक्ति बाहिनी के कमांडर टाइगर सिद्दीक़ी को दी गई थी.