नीजेर के रेगिस्तान के विलुप्त होते वन्य-जीव

नीजेर के प्रवासीय वन्य-जीवों की दुर्लभ तस्वीरें.

डामा गैज़ल, नाइजर
इमेज कैप्शन, वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती पर सबसे असह्य रेगिस्तानों में से एक, नीजेर का ये रेगिस्तान प्रवासीय जानवरों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. टर्मिट मासिफ़ और टिन टौमा नाम के रेगिस्तान में शोध करने वाले शोधकर्ताओं का कहना है कि इस पूरे इलाक़े का संरक्षण किया जाना चाहिए क्योंकि ये जैव-विविधता का हॉट-स्पॉट है. विलुप्त होते डामा गैज़ल इन रेगिस्तानों को अपना घर बना लेते हैं.
सहारन चीता
इमेज कैप्शन, किसी की पकड़ में न आने वाला सहारन चीता भी इस रेगिस्तान में मौजूद है. वैज्ञानिक इस क्षेत्र को राष्ट्रीय सुरक्षित परिसर बनाने के लिए कार्यरत हैं.
विनचैट
इमेज कैप्शन, वैज्ञानिकों की एक टीम ने इस रेगिस्तान में 85 विलुप्त होने वाले पक्षियों को अपने खाते में दर्ज किया. उनका कहना है कि इनमें से 41 प्रजातियां यूरोप से आती हैं. इस पक्षी को विनचैट के नाम से जाना जाता है.
रफ्फ
इमेज कैप्शन, खोजी गई पक्षियों की प्रजाति में से सात ऐसी हैं जिन्हें प्रवासीय प्रजाति संरक्षण आचार की सूचि में रखा गया है. ये आचार एक वैश्विक संधि पत्र है जिसके तहत प्रवासीय प्रजातियों के संरक्षण के लिए काम किया जा रहा है. तस्वीर में दिखाई गए पक्षी को रफ़ के नाम से जाना जाता है.
रॉप्टर
इमेज कैप्शन, वन्य संरक्षणकर्ता इस इलाक़े में 2006 से वन्य-जीवों पर निगरानी बनाए हुए हैं.
अडाक्स
इमेज कैप्शन, इस रेगिस्तान में एक लाख स्क्वेयर किलोमीटर वर्ग के इलाके को संरक्षण के लिए चिन्हित किया गया है. हिरण जैसे दिखने वाले इन जानवरों को अडाक्स के नाम से जाना जाता है और ये अक़्सर इस रेगिस्तान में देखे जाते हैं.