You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
मिस्र की अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा कैसे बनी बड़ी चुनौती?
मिस्र इस वक़्त विदेशी मुद्रा की कमी से जूझ रहा है, जिसके कारण बंदरगाहों पर देरी हो रही है और व्यापार भी अस्थिर होता जा रहा है.
इजिप्शियन पाउंड लगातार गिरता जा रहा है. अपनी दो साल पहली की कीमत का अब वो महज़ तीस फ़ीसद ही रह गया है, जिसकी वजह से कीमतें बढ़ गई हैं.
हालांकि फ़ॉरेन करेंसी ट्रांज़ैक्शन्स से अब पाबंदियां हटा ली गई हैं, पर प्राथमिकता बुनियादी चीज़ों को दी जा रही है.
इस सबसे जो प्रभावित हुए हैं, उनमें कुछ मिस्र के छात्र भी शामिल हैं, जो विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं.
उन्हें अपनी पढ़ाई रोकनी पड़ी क्योंकि वो अपनी ट्यूशन फ़ीस नहीं दे पाए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)