ग़ज़ा के एम्बुलेंस ड्राइवर्स का दर्द
जंग से सिर्फ़ जान-माल का ही नुक़सान नहीं होता, जंग लोगों के ज़हन पर भी ज़ख़्म के गहरे निशान छोड़कर जाती है.
ग़ज़ा में जो लोग हर दिन घायलों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, हर दिन मृतकों को उनके परिजनों तक पहुंचा रहे हैं, उन पर क्या बीत रही है...
कवर स्टोरी में आज इसी की बात.
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