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जंग के मोर्चे पर यूक्रेन की बढ़ती आर्थिक तंगी
लगभग 2 साल हो गए जब रूस यूक्रेन जंग शुरू हुई. तब यूक्रेन की रक्षा का जज़्बा लिए कई लोगों ने फ्रंटलाइन पर मोर्चा संभाला.
इनमें से कई आम लोग थे...वॉलंटियर फाइटर्स...तब पश्चिमी देशों से मदद भी आई, हथियार भी आए लेकिन अब तस्वीर थोड़ी बदली सी लग रही है.
जंग के मोर्चे पर लड़ने के लिए सैनिकों की कमी पड़ रही है. फंडिंग और हथियारों की भी कमी है. इन सबके बीच लक्ष्य बरक़रार है, यूक्रेन के कई इलाकों को रूस के क़ब्ज़े से छुड़ाना.
देखिए बीबीसी संवाददाता सारा रेंसफोर्ड की रिपोर्ट.
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