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जी-20: क्या जलवायु संकट से निपटने के लिए मिलेगी मदद?
भारत चाहता है कि विकसित देश जो प्रदूषण और ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए ज़्यादा ज़िम्मेदार हैं, वो उसके जैसे विकासशील देशों के जलवायु संकट और ग्रीन एनर्जी के लक्ष्य को पूरा करने का वित्तीय बोझ उठाएं.
पिछले तीन सालों में भारत ने जलवायु परिवर्तन से जुड़ी बाढ़, भूस्खलन, सूखे जैसी आपदाओं का सामना किया है. इसने देश के विकास को ख़तरे में डाल दिया है.
भारत की अर्थव्यवस्था को जलवायु परिवर्तन की क्या क़ीमत चुकानी पड़ी है? देखिए बीबीसी संवाददाता अर्चना शुक्ला की रिपोर्ट.
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