ईरान में पुलिस और महिलाएं आमने-सामने क्यों आए?
ईरान में महसा अमीनी की मौत को लगभग एक साल हो गए हैं. हिजाब सही तरीक़े से नहीं पहनने के आरोप में ईरानियन रेवॉल्यूशनरी गार्ड ने महसा अमीनी को हिरासत में लिया था और फिर कुछ दिनों बाद हिरासत में ही उनकी मौत हो गई थी.
उनकी मौत के बाद महिलाओं की आज़ादी के लिए आंदोलन शुरू हो गए और लोगों का ग़ुस्सा ईरान की सड़कों पर फूट पड़ा था. लेकिन प्रदर्शनकारियों का बर्बरता से दमन कर दिया गया था, जिसकी वजह से 500 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी चली गई.
अभी कुछ दिनों पहले ही मोरैलिटी पुलिस को दोबारा सड़कों पर उतारा गया है. लेकिन महिलाएं उनकी परवाह नहीं कर रही हैं. ईरान में पश्चिमी मीडिया से बात करना किसी अपराध की तरह है. लेकिन बीबीसी न्यूज़ नाइट के आमिर नादेर और प्रोड्यूसर अली हमदानी ने ईरान में रहने वाले लोगों से बात की. देखिए ये ख़ास रिपोर्ट.
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