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कभी थीं मज़दूर, अब है ख़ुद की कंपनी
मिलिए वनिला से. जो पहले खेतिहर मज़दूर के तौर पर दूसरे राज्यों में जाकर काम करती थीं लेकिन अब, अपनी ख़ुद की कंपनी चलाती हैं.
वो ऐसे तमाम किसानों की मदद करती हैं जिन्हें साल के छह महीनों में कहीं और जाकर काम करना पड़ता था. देखिए बीबीसी सहयोगी मोहन की ये रिपोर्ट.
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