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जब भारतीय सेना के बर्ताव के कायल हो गए थे पाकिस्तानी
चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ जनरल मनोज पांडे ने साल 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, ''1971 में भारत-पाकिस्तान की जंग के बाद 90 हज़ार युद्ध बंधक सेंट्रल कमांड के कैंप्स में रखा जाना था. इसके लिए फौरी तौर पर शेल्टर्स के निर्माण की ज़रूरत थी. मूलभूत ज़रूरतों को यथास्थान मुहैया करवाने की ज़रूरत थी. सिक्योरिटी अरेंजमेंट्स को लेकर आश्वस्त करने की ज़रूरत थी और इन सबमें एक सामंजस्य की ज़रूरत थी. जनरल भगत ने यह सुनिश्चित किया कि युद्ध बंधकों को आधिकारिक तौर पर जो कुछ भी मिलना चाहिए, मसलन कैंटीन, पोस्टल-सेवा और मेडिकल कवर उनके लिए उसी रूप में उपलब्ध हो, जैसे जेनेवा कंवेंशन में है.'
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