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बायोबैंक से पता चल रहे हैं बीमारियों के शुरुआती लक्षण
एक दशक पहले बीबीसी संवाददाता फ़र्गस वॉल्श ऐसे पहले व्यक्ति बने, जो दुनिया के सबसे बड़े स्कैनिंग प्रोजेक्ट से जुड़े. शरीर पर बढ़ती उम्र का क्या असर होता है, ये समझने के लिए यूके बायोबैंक बनाया गया.
इसमें वॉलंटियर्स के दिमाग, दिल और हड्डियों की तस्वीरें ली गईं, जिससे बीमारियों को समझने और उनके इलाज में मदद मिल सकती है. अब दस साल बाद फ़र्गस वॉल्श एक बार फिर स्कैनिंग के लिए गए, ये देखने के लिए कि उनके शरीर में क्या-क्या बदलाव आए हैं.
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