मणिपुर से जान बचाकर भागे और अब दिल्ली में हैं शरणार्थी
मणिपुर में तीन मई से शुरू हुई हिंसा के बाद हज़ारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है और अब तक 75 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है.
इस हिंसा में कूकी जनजाति और मैतेई, दोनों ही समुदाय के लोग प्रभावित हुए हैं. दोनों ही समुदाय के लोगों की जान गई है और उन्हें अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है.
बीते दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मणिपुर का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाक़ात की.
इस बीच कई पीड़ित दिल्ली में शरणार्थी का जीवन जी रहे हैं. बीबीसी की वीडियो जर्नलिस्ट बुशरा शेख़ ने उनसे मुलाक़ात की. देखें ये ख़ास रिपोर्ट.
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