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नाइट लाइब्रेरी से राह रौशन करने की कोशिश
ऐसा माना जाता है कि पढ़ाई-लिखाई के ज़रिए कोई भी इंसान अपनी ज़िंदगी बदल सकता है. पर पढ़ाई-लिखाई की सुविधा, हर किसी को आसानी से नसीब नहीं होती.
लेकिन कहते हैं कि जहां चाह होती है, राह वहां निकल ही आती है. जैसा कि गुजरात के तापी ज़िले में, एक नाइट लाइब्रेरी आदिवासी बच्चों तक शिक्षा की रौशनी पहुंचाने की कोशिश कर रही है. देखिए बीबीसी सहयोगी नीरव कंसारा की ये रिपोर्ट.
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