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भारत में रहने वाले इन समलैंगिक जोड़ों की मुश्किलें क्या हैं?
सुप्रीम कोर्ट में इन दिनों समलैंगिक विवाह को वैध करने की मांग पर सुनवाई चल रही है.
जहां एक ओर एलजीबीटीक्यू समुदाय स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत अपने संबंधों की व्यवहारिक व्याख्या चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार और धार्मिक लीडर समलैंगिक विवाह के ख़िलाफ़ हैं.
इस मामले की सुनवाई का लाइव प्रसारण भी किया जा रहा है.
27 अप्रैल को समलैंगिक विवाह पर हो रही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि समलैंगिक जोड़ों को उनकी वैवाहिक मान्यता के बिना भी संयुक्त बैंक खाते या बीमा पॉलिसियों में भागीदार नामित करने जैसे लाभ देने का तरीक़ा खोजा जाए.
इस मामले में अलग-अलग कोर्ट में कुल 20 याचिकाएं दायर की गयी हैं. इन लोगों में सात्विक भी शामिल हैं. ऑक्सफ़ोर्ड से पढ़े 37 साल के सात्विक दिल्ली से हैं और वो समलैंगिक हैं. लेकिन उन्हें सम्मानज़नक ज़िंदगी जीने के लिए भारत छोड़ना पड़ा.
देखिए भारत और विदेश में बसे समलैंगिक जोड़े इसपर क्या कहते है.
वीडियो: बुशरा शेख़
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