बिहार शरीफ़ में जला दिए गए मदरसे की कहानी
मदरसा अज़ीज़िया की लाइब्रेरी में आज जली-अधजली पुस्तकें, धुएं से काले पड़ गए पन्ने, या फिर उन्हें तकती उदास कालिख़ पुती दरकी हुई दीवारें ही नज़र आती हैं.
या फिर गेट के बाहर बंदूक़ लिए बैठी पुलिस टीम दिखती है; जिसकी ग़ैर-मौजूदगी में दंगाइयों ने 31 मार्च को सौ साल पुराने मदरसा अज़ीज़िया के कुछ हिस्सों और लाइब्रेरी को आग लगा दी थी.
कुछ के शब्दों में सैकड़ों साल पहले नालंदा विश्वविद्यालय को जलाए जाने की घटना को एक बार फिर से नालंदा में ही अंजाम दिया गया.
113 सालों से बिहार शरीफ़ में मौजूद मदरसा अज़ीज़िया 1896 में पटना में क़ायम किया गया था, संस्थापक थीं बीबी सोग़रा जिन्होंने इसे अपने पति अब्दुल अज़ीज़ की याद में बनवाया था.
वीडियो: फैसल मोहम्मद अली और मनीष जालुई
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)