यहां बेटी के जन्म पर समाज खुश होता है, मां दुखी
समाज के ज़्यादातर हिस्से से अलग यहां लड़कियों का जन्म जश्न लेकर आता है लेकिन ये मांएं दुखी होती हैं.
ये संगीत बारी है. यहां कोल्हाटी और दलित समुदाय की महिलाएं पारंपरिक लावणी करती हैं.
ये महिलाएं यहां खाती, सोती और डांस करती हैं. ये अपने परिवार का पेट पालने वाली महिलाएं हैं. परिवार में इनके अलावा कोई भी दूसरा काम नहीं करता. ये इनकी और इनकी बेटियों की कहानी है.
रिपोर्ट : अनघा पाठक, आशय येडगे
शूट : मंगेश सोनावणे, मधुराम सोलकेपल्ली
एडिट : निलेश भोसले
बीबीसी शी सिरीज़ प्रोड्यूसर : दिव्या आर्या
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)