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श्रीलंका में भूख से बेहाल होते बच्चे
लगभग छह महीने पहले श्रीलंका का वो मंज़र शायद आपको याद होगा, जब देश के तत्कालीन राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को जनता के ज़बर्दस्त विरोध-प्रदर्शनों के बीच देश छोड़कर भागना पड़ा था और फिर इस्तीफ़ा भी देना पड़ा था.
तब अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बदहाली से जूझता श्रीलंका अब छह महीने बाद भी लड़खड़ा रहा है. संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम की सबसे ज़्यादा मार देश के बच्चों पर ही पड़ी है.
श्रीलंका में 60 लाख से अधिक बच्चे कुपोषण की कगार पर पहुंच गए हैं और ख़र्चों में कटौती के लिए कई परिवारों को अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बंद करनी पड़ी है. ऐसे परिवारों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिनके लिए बच्चों को स्कूल भेजना असंभव होता जा रहा है. देखिए कोलंबो से बीबीसी संवाददाता इशारा दनासेकरा की रिपोर्ट.
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