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बिहार: ज़हरीली शराब पीने से हुई मौतें और शराब माफ़िया के राज़
ज़हरीली शराब से सबसे ज़्यादा प्रभावित बिहार के छपरा के बहरौली, इशुआपुर, मशरख, अमनौर और इसके आसपास के कई गांव हैं. इन इलाकों में बड़ी संख्या में दलित, मुसलमान, यादव और कई अन्य पिछड़ी जातियों के लोग रहते हैं.
इनमें से ज़्यादातर लोग मज़दूरी का काम करते हैं. जो मिस्त्री का काम जानते हैं और काम मिलने पर रोज़ पांच सौ रुपये की आमदनी हो जाती है, जबकि मज़दूरों को चार सौ रुपये मिलते हैं.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़, सारण में ज़हरीली शराब से क़रीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार, और मीडिया रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा कहीं ज़्यादा है.
ज़हरीली शराब से हुए इस हादसे में सबसे ज़्यादा ग़रीब दलितों की मौत हुई है. लेकिन शराब का ये क़हर, जाति और धर्म देखकर लोगों पर नहीं टूटा. मुस्लिम हों या यादव, हर किसी को इसने अपना शिकार बनाया.
रिपोर्ट: चंदन कुमार जजवाड़े
वीडियो: संदीप यादव
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