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शाहरुख़ ख़ान के बयान की क्यों हो रही है इतनी चर्चा?
शाहरुख़ ख़ान ने 28वें कोलकाता इंटरनेशनल फ़िल्म में कुछ ऐसा कह दिया है, जिसकी चारों ओर चर्चा हो रही है.
कोलकाता फ़िल्म फ़ेस्टिवल में बोलते हुए शाहरुख ने कहा, "सिनेमा और अब सोशल मीडिया मानवीय अनुभव और भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे बड़ा माध्यम बन गया है."
"अब हमारे समय के सामूहिक नैरेटिव को सोशल मीडिया आकार दे रहा है. इस धारणा के विपरीत कि सोशल मीडिया सिनेमा को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा, मेरा मानना है कि सिनेमा को अब और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी."
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अक्सर विचारों की एक संकीर्णता से चलता है जो मानव स्वभाव को उसके निचले स्तर तक सीमित रखता है.
शाहरुख़ ने कहा, "नकारात्मकता सोशल मीडिया की खपत को बढ़ाती है और इस तरह इसके व्यावसायिक मूल्य को भी."
"इन वजहों से सामूहिक नैरेटिव को बल मिलता है, जो सोशल मीडिया को विभाजनकारी और विनाशकारी बनाती हैं."
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