जन्म से नहीं हैं दोनों हाथ, लेकिन हिम्मत नहीं हारी और किया पोस्ट-ग्रेजुएशन
विद्याश्री के माता-पिता ने उन्हें पैदा होते ही छोड़ दिया था. उन्हें लगा कि वो एक ऐसी बच्ची का लालन-पालन नहीं कर सकते, जिसके हाथ ना हों.
उनका पालन-पोषण उनके नाना-नानी ने किया. अब वो पोस्ट-ग्रेजुएट हैं और टीचर बनने के लिए प्रयास कर रही हैं. वह ज़िला प्रशासन के लिए काम करती हैं ताकि अपने परिवार को सपोर्ट कर सकें.
वीडियो: नटराजन सुंदर
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