नरोदा पाटिया के दंगा पीड़ित क्या कह रहे हैं?
साल 2002 के गुजरात दंगों के दौरान पायल कुकरानी आठ साल की थीं. 2002 के दंगों में भूमिका को लेकर पायल के पिता मनोज कुकरानी को अदालत ने उम्र क़ैद की सज़ा 2012 में सुनाई थी.
क़रीब 20 साल बाद इसी नरोदा पाटिया विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी ने मनोज कुकरानी की बेटी पायल को उम्मीदवार बनाया है. पायल कुकरानी को बीजेपी से टिकट मिलने पर नरोदा पाटिया के कुछ पीड़ित मुस्लिम परिवार काफ़ी नाराज़ हैं. देखिए वो क्या कह रहे हैं.
वीडियो: रजनीश कुमार, मनीष जालुई
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